गंगा में डूब नाव चालक का नहीं लगा सुराग
- दूसरे दिन पुलिस, पीएसी गोताखोरों ने कई गांवों के घाटों पर चालक की तलाश की
हस्तिनापुर। हस्तिनापुर क्षेत्र में यात्रियों को नाव से गंगा पार कराते समय गिरे नाव चालक सोनू का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका। गोताखोर चालक को ढूंढने में लगे रहे पर शाम तक भी शव नहीं मिल सका।
थाना क्षेत्र के गांव बधवा निवासी खड़कू उर्फ सोनू करीब 15 सालों से गंगा में नाव चलाने का काम करता था। बुधवार दोपहर सोनू नाव से यात्रियों को गंगा पार ले जा रहा था। बीच गंगा में अचानक से पानी में गिर गया। लोगों ने ग्रामीणों को जानकारी दी। पुलिस व ग्रामीणों ने देरशाम तक सोनू की तलाश की पर कोई सुराग नहीं मिल सका। बृहस्पतिवार को भी ग्रामीण, पुलिस, डब्लूडब्लूएफ की टीम व पीएसी के गोताखोरों ने सोनू को गंगा में तलाशा। पर कोई सुराग नहीं मिला। टीम द्वारा खेड़ी कलां, बधवा व अन्य गांवों के घाटों पर तलाश की गई। ग्राम प्रधान लीलू ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की सूचना दे दी गई है।
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डिग्री मिली, चहरे खिले
हस्तिनापुर। जैन इंटरनेशनल स्कूल में ग्रेजुएशन डे मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने अनेक डांस प्रस्तुति दीं। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। यूकेजी के बच्चों को डिग्री वितरित की गई। यूकेजी के सभी बच्चे गाउन पहनकर मंच पर पहुंचे और डिग्री ली। बच्चों ने अपने विचार भी व्यक्त किए। डिग्री मिलने के बाद अभिभावक भी गदगद हो उठे। प्रधानाचार्या डा. रितु राजवंशी ने बच्चों को अग्रिम दिशा में पंख पसार कर ऊंची उड़ान भरने का आशीर्वाद दिया।
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मन सुधरने से बदलते है वचन: गुरुवर श्री
हस्तिनापुर। 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ में बृहस्पतिवार को 47 वें दिन सौधर्म इंद्र बनने व स्वर्ण कलश से अभिषेक राजकुमार जैन, शांतिधारा अमित जैन, सौरभ जैन, दीपक जैन, विकास जैन, सुशील जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन साधना जैन, विनोद जैन, दीप्ति जैन, दीपक जैन ने किया। अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 201 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन हुआ। जिसमें स्वीटी जैन, कु. अनामिका जैन, आजाद जैन, सविता जैन, उमा जैन, दीप्ति जैन, राजरानी जैन ,सुनीता जैन, जेसी जेैन, हंस कुमार जैन, नरेंद्र जैन, विपिन जैन शामिल हुए। पाठ का शुभारंभ रेखा जैन ने संस्कृत भाषा में किया। निहार जैन शिल्पी जैन, अजय जैन सरिता जैन, कविता जैन, तरुण जैन, आकांक्षा, आयूषि, लव्य, सनाया जैन, उमेश जैन, कमला जैन, पदमचंद जैन, मनीषा, पल्लवी जैन, रेणू जैन, सुनील जैन ने पाठ का वाचन किया। गुरुवर श्री ने कहा कि व्यक्ति की जुबान हमेशा जवान रहती है। फिर चाहे वह बालक हो या वृद्ध। वह सदा चलती रहती है। जो ना बुरा देखती है ना भला। जिसे संयमित करने की आवश्यकता है, जिसके लिए सबसे पहले मन को सुधारने की आवश्यकता है। जब मन सुधरेगा तभी वचन भी सुधरता है। 48 दीपकों द्वारा मंगल आराधना की गई पंच परमेष्ठी की आरती का दीपक प्रज्ज्वलन उमा रानी जैन राजकुमार जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का राजरानी जैन, सुशील जैन ने की । इस दौरान मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम, अशोक, अतुल, उमेश, मणीचंद, कमल जैन आदि मौजूद रहे।