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तीन गांवों में कैंसर से 28 लोगों की मौत
12 लोग वर्तमान में कैंसर से पीड़ित मिले, अन्य बीमारियों से भी लोग ग्रस्त
अमर उजाला की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने किया सर्वे
ग्रामीणों का दावा - मीट फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित जल से हो रही मौतें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मीट फैक्टरियों से निकले प्रदूषित पानी से लगातार हो रही मौतों पर अमर उजाला के अभियान से जागे स्वास्थ्य विभाग ने चार गांवों में सर्वे किया है। टीम ने पाया कि तीन गांवों में ही कैंसर से 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय भी लोग कैंसर से जूझ रहे हैं। इसके अलावा भी पीलिया समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग इन गांवों में मिले हैं।
यह है मामला
हापुड़ रोड पर दर्जनों मीट फैक्टरियां हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन फैक्टरियों ने आसपास के गांवों के पेयजल को जहर बना दिया है। दरअसल काफी मीट फैक्टरियों में कटान के बाद दूषित पानी बोरिंग के जरिये सीधा जमीन में उतारा जा रहा है। यह भूजल में मिल रहा है। इसके अलावा जहां ईटीपी भी लगे हैं, जिनकी कोई सशक्त मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। बचे पानी को यहां से निकालकर खाली खेतों में डाला जा रहा है। इससे दूषित पानी के तालाब बन गए हैं। दरअसल फैक्टरी संचालकों ने आसपास के नीचे हो चुके खेत या तो खरीद लिए हैं या किराए पर ले रखे हैं, जिसमें यह पानी डाला जा रहा है। इससे भी पेयजल दूषित हो रहा है। गांवों में रहस्यमयी बीमारियों से लोग मर रहे हैं। काफी लोग बीमारी से परेशान हैं।
थ्री लेयर कराया सर्वे
अमर उजाला के इस अभियान को जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने गंभीरता से लिया और स्वास्थ्य विभाग को सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने गांव बिजौली, बहरानपुर, सेतकुआं और धनौटा में थ्री लेयर सर्वे कराया। पहला आशा कार्यकर्ताओं से, दूसरा एएनएम से और तीसरा स्वास्थ्य विभाग की टीम से। इसी जांच में पाया कि बिजौली, बहरानपुर व सेतकुआं गांव में ही पिछले पांच साल में कैंसर से 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 12 लोग ऐसे मिले, जो वर्तमान में कैंसर से पीड़ित हैं और उपचार करा रहे हैं। पीलिया के भी चार मरीज मिले हैं।
जल निगम की रिपोर्ट का इंतजार
जल निगम की टीम को भी सर्वे पर लगाया गया है। इस टीम को पीने के पानी का सैंपल लेकर जांच करनी है। पानी में क्या तत्व हैं, इसका पता लगाना है। इस टीम की जांच का इंतजार किया जा रहा है। चूंकि ग्रामीणों का कहना है कि पीने के पानी से ही यह हो रहा है, तो इस जांच पर सभी की निगाह लगी है।
वर्जन
हमने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी है। खरखौदा क्षेत्र के चिकित्सक की अगुवाई में टीम बनाई थी। सर्वे में कैंसर के मरीज मिले हैं। - डा. राजकुमार, सीएमओ