जानीखुर्द। भाजपा की करनी और कथनी में अंतर है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी राम मंदिर नहीं बना है। यह बात रविवार को रसूलपुर धौलड़ी गांव एक शोकसभा में हिस्सा लेने पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कही।
आल इंडिया संत समाज के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम रविवार को दिल्ली के पूर्व विधायक हसन अहमद के आवास पर उनके ससुर शहीद हसन के चालीसवां पर पहुंचे। प्रकट करने पहुंचे। इस दौरान हुई प्रेसवार्ता के दौरान प्रमोद कृष्णम ने कहा कि चुनाव से पूर्व भाजपा ने कहा थासत्ता में आने से पहले कहती आई थी कि अगर केन्द्र में हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार आयेगी, तो अयोध्या में मंदिर का निर्माण करायेंगे। लेकिन अब तो केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है लेकिन भाजपा द्वारा राममंदिर निर्माण की कोई पहल नहीं की जा रही है। 2014 में चुनाव जीतने के बाद कहा गया था कि संसद में कानून बनाकर राममंदिर का निर्माण करायेंगे। लेकिन अब भाजपा सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने की बात कर जनता को गुमराह कर रही है। मंदिर निर्माण कराने के लिए भाजपा ने देश की जनता से वायदा किया था, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं। आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। महागठबंधन के बारे में बोलते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश में दो ही बडी पार्टी भाजपा और कांग्रेस है। बिना कांग्रेस पार्टी के भाजपा के खिलाफ महागठबंधन सिद्धांत के खिलाफ है। महागठबंधन का मतलब ही यह है कि एक तरफ मोदी यानि भाजपा और बाकी सब पार्टी एक साथ हो। ऐसा भाजपा के खिलाफ बन रहे रहे महागठबंधन में कही भी नजर नहीं आ रहा है। इस दौरान हसन अहमद, बाबर काजमी, सरकार हुसैन आदि भी मौजूद रहे।