मेरठ। पुलिस ने मुठभेड़ कर एक शातिर लुटेरा पकड़ा है। जिस पर शहर और देहात की अनसुलझी सारी घटनाएं खोलने की पुलिस ने तैयारी कर ली है। पुलिस का दावा कि डेढ़ महीने पहले खरखौदा में लूट के विरोध में दंपति की हत्या भी इसी लुटेरे गैंग ने की है। खरखौदा पुलिस ने दंपति की हत्या में चश्मदीद गवाह को बुलाकर पकड़े गए लुटेरे की पहचान भी करा दी।
भावनपुर में मुठभेड़ कर पुलिस ने लुटेरे पद्म सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि खरखौदा के खड़खड़ी गांव निवासी वीर सिंह पहलवान और उसकी पत्नी कैलाशी की सात अगस्त को हत्या कर दी थी। वीर सिंह ने लूटपाट का विरोध किया था। जब लगा कि वीर सिंह हावी हो रहा है, तभी गोली चला दी। जिसमें दंपति की मौत हो गई। बता दें कि पुलिस दंपति हत्याकांड का खुलासा करने में नाकाम साबित होने लगी थी। अब लुटेरा मुठभेड़ में दबोचा है। दावा है कि लुटेरे ने दंपति की हत्या करना भी कबूल कर लिया हैं।
विमला देवी ने पहचान लिया
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि दंपति की हत्या में महिला रिश्तेदार विमला देवी चश्मदीद गवाह थी। बदमाशों ने सबसे पहले विमला देवी को थप्पड़ मारकर खेत में धक्का दिया था। विमला कैलाशी की बहन है। इंस्पेक्टर खरखौदा विमला को भावनपुर थाने लेकर लाए और बदमाश की पहचान कराई। हालांकि घटना के दौरान विमला ने बदमाशों को देखने से साफ मना किया था। सवाल उठता है कि विमला ने अब कैसे बदमाश पहचान लिया।
सोना में रागनी सुनी, फिर की वारदात
परीक्षितगढ़ क्षेत्र के सोना गांव में मंगलवार रात रागनी का कार्यक्रम था। बदमाशों ने पहले रागनी सुनी और फिर उसके बाद किला परीक्षतगढ़ रोड पर आ गए। जो सामने आया, उसको लूट लिया। आधा दर्जन लोेगों से बदमाशों ने लूटपाट की। इससे पहले भी लूट की कई घटनाएं कर चुके हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी एक साथ पहले किसी फिल्म या देहात इलाके में होने कार्यक्रम देखते हैं और फिर वारदात करते हैं।
खास बातें:
- खरखौदा में लूट के विरोध में दंपति की हत्या भी खोली
- चश्मदीद गवाह महिला को बुलाकर भी कराई पहचान