बागपत। चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान की प्रयोगशाला में पशुओं की गलघोंटू बीमारी और मुर्गी को लगाए जाने वाली रानीखेत वैक्सीन की जांच इससे पहले बरेली में होती थी। बागपत में जांच की मंजूरी के बाद संस्थान के निदेशक डॉ. प्रवीण मलिक ने दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह से मुलाकात की। जल्द ही अन्य वैक्सीन की जांच को भी हरी झंडी मिलने की संभावना है।
केंद्र सरकार के पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन विभाग की ओर से बागपत में चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं। केंद्र सरकार ने गलघोंटू के टीके हैमोरहैजिक सेप्टिसीमिया और मुर्गियों की बीमारी में प्रयोग होने वाले रानीखेत टीके की जांच की अनुमति दी है। इससे पहले इन टीकों की जांच बरेली में होती थी। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में दोनों टीके महत्वपूर्ण हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. प्रवीण मलिक ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जल्द ही अन्य टीकों की जांच की मंजूरी भी मिल सकती है। स्टाफ बढ़ाने के लिए भी मंथन किया गया है। सतपाल सिंह ने कहा कि सुविधाएं बढ़वाई जाएगी।