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अवैध शराब पर सख्ती से कसे शिकंजा: जय प्रताप सिंह

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- प्रदेश के आबकारी मंत्री ने मेरठ जोन की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
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- शेष दुकानों की आवंटन प्रक्रिया 19 जून तक पूरा करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नई आबकारी नीति का पूरी तरह क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही अवैध शराब की तस्करी और तस्करों पर सख्ती से शिकंजा कसें। इसके साथ ही जिन दुकानों आ आवंटन अब तक नहीं हुआ है, उनकी आवंटन प्रक्रिया 19 जून तक पूरा की जाए। यह निर्देश शुक्रवार को बचत भवन में मेरठ और सहारनपुर मंडल के आबकारी अधिकारियों की बैठक में प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री जय प्रताप सिंह ने दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शराब की दुकान के आवंटन से लेकर उनसे प्राप्त होने वाले राजस्व की वसूली में तेजी लाएं। मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर लें कि किसी भी सूरत में अवैध और नकली शराब की तस्करी या बनाने का काम न होने पाए। बैठक में सभी जनपदों ने अपनी अपनी राजस्व वसूली की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मेरठ जोन में 1400 करोड़ रुपये का क्रमिक लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष दो माह में 893 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
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जोन में 1892 दुकानों का नहीं हुआ आवंटन
नई आबकारी नीति के तहत इस बार शराब की दुकानें सिंडिकेट को न देकर आम जनता के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसकी पूरी प्रक्रिया आनलाइन हुई। लेकिन पिछले सालों की तुलना में इस बार मेरठ जोन में 1892 दुकानों का आवंटन अब तक नहीं हो पाया है। इसमें मेरठ में 69, गाजियाबाद में 97, सहारनपुर में 112, बागपत में 66, शामली में 34, बरेली में 71, गौतमबुद्धनगर में 58, हापुड़ में 9, बिजनौर में 13 आदि जिलों में कुल 1892 दुकानों का आवंटन हेतु शेष है।
राजस्व बढ़ाने के साथ नियमों का कराएं पालन
प्रमुख सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी ने बैठक में बताया कि मेरठ जोन के जनपदों में छापेमारी के दौरान 14 लाख 70 हजार लगाए जुर्माने के सापेक्ष 7 लाख 76 हजार की वसूली की गई है। उन्होंने शत प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए। इसके साथ ही शराब के थोक गोदामों का नियमित निरीक्षण करते हुए वहां कंप्यूटर, इंटरनेट, स्कैनर, प्रिंटर के साथ ही सीसीटीवी कैमरा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। फुटकर दुकानों के सेल्समैन के आधार कार्ड आदि के साथ पहचान पत्र बनवाएं और पुलिस द्वारा सत्यापन भी कराएं।
810 छापे मारे मुकदमे 78 दर्ज
आबकारी आयुक्त धीरज साहू ने कहा कि सभी आबकारी अधिकारी निरीक्षण कार्रवाई में गुणवत्ता बरतें। इस दौरान जोन में 810 छापेमारी की कार्रवाई हुई हैं, लेकिन मुकदमे मात्र 78 दर्ज हुए हैं।
संसाधन की है कमी
अधिकारियों ने कहा कि न तो उनके पास वाहन हैं और न ही पर्याप्त स्टॉफ सहित अन्य संसाधन। जबकि आबकारी विभाग संवेदनशील है। इसलिए इन संसाधनों की तरफ ध्यान दिया जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि इस बारे में गंभीरता से कार्रवाई चल रही है।
बैठक में ये रहे मौजूद
विशेष सचिव आबकारी आरबी सिंह, उप आयुक्त आबकारी ओपी आर्य, उप आबकारी आयुक्त अविनाश त्रिपाठी, मेरठ के आबकारी अधिकारी एसपी सिंह सहित सभी जनपदों के आबकारी अधिकारी मौजूद रहे।

ओमप्रकाश राजभर का बयान व्यक्तिगत
मेरठ। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि हरियाणा से सबसे ज्यादा शराब तस्करी हो रही है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसे रोकने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जय प्रताप सिंह ने कानपुर में जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में कहा कि कानपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अधिकारियों इंस्पेक्टर आदि के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के तीर्थ स्थलों पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित करने के सवाल पर आबकारी मंत्री ने कहा कि मथुरा समेत प्रदेश के अन्य तीर्थ नगरी बनारस आदि में शराब की बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करना गलत है। वहां विकास प्राधिकरण के एक क्षेत्र विशेष में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के शराब बंदी के बयान पर कहा कि राजभर को उत्तर प्रदेश में शराबबंदी का प्रस्ताव कैबिनेट में रखना चाहिए था। दुर्भाग्यवश उन्होंने इतना गंभीर मुद्दा कैबिनेट में नहीं रखा और न ही मुख्यमंत्री को इस बारे में अवगत कराया। जयप्रताप सिंह ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर क्या बयान देेते हैं, इससे उनका कोई सरोकार नहीं है।
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शराब विक्रेताओं ने उठाई समस्याएं
मेरठ। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह और उनके साथ आई मुख्य सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी और आबकारी आयुक्त धीरज साहू से मेरठ व हापुड़ के फुटकर शराब विक्र्रेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इन लोगों ने कहा कि शराब बिक्री का समय पहले सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक था। लेकिन अब उसे घटाकर दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक कर दिया गया है। इसलिए समय बढ़ाया जाए। शराब विक्रेताओं ने कहा कि रेट लिस्ट और लाभांश आदि को पारदर्शिता के साथ जारी किया जाए। इसके अलावा पुलिस द्वारा उत्पीड़न पर भी शिकंजा कसा जाए। विक्रेताओं ने दो माह बाद भी अंग्रेजी शराब के सभी ब्रांड और बीयर की पूरी आपूर्ति न होने की भी शिकायत की। राजीव भाटी, योगेश गर्ग, मनोज गुप्ता, शेखर, अनिल पुंडीर, अजय, आर्यन, सूरज त्यागी, संजय, उमेश कुमार, संजय रमाणी, धीरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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