भुगतान नहीं तो जेल जाएंगे मिल प्रबंधक
मेरठ। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने शनिवार को कैंप कार्यालय पर गन्ना भुगतान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने चीनी मिल प्रबंधकों से कहा कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि गन्ना भुगतान समय सीमा के भीतर हो। इसमें अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने मिल प्रबंधकों से कहा कि वह गन्ना भुगतान का शेड्यूल जारी करें नहीं तो बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। अब जो भुगतान नहीं करेगा, उस मिल का प्रबंधक जेल जाएगा।
अनिल ढींगरा ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह चीनी मिलों की चल व अचल संपत्तियों की डिटेल निकाल कर गन्ना विभाग को सौंपें, ताकि भुगतान न करने वाली मिलों की संपत्तियों को नीलाम कर किसानों का भुगतान कराया जा सके। उन्होंने गन्ना विभाग के अधिकारियाें को निर्देश दिया कि वह गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई अमल में लाएं। बैठक में प्रभारी जिला गन्ना अधिकारी शौवीर सिंह, मवाना चीनी मिल के जीएम प्रमोद बालियान और एजीएम वीरेंद्र सिंह सहित सभी चीनी मिलों के जीएम व गन्ना विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
ये है गन्ना भुगतान की स्थिति
बैठक में गन्ना मिलों द्वारा अब तक किए गए भुगतान की प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर पेराई सत्र 2017-18 में कुल मिलों का 59.80 प्रतिशत भुगतान हुआ है। जिसमें मवाना द्वारा 57.71 प्रतिशत, दौराला 83.44, सकौती 75.87, किनौनी 32.09, नगलामंल 51.78 व मोहिउद्दीनपुर द्वारा 68.44 प्रतिशत भुगतान किया गया है।
पिछले वर्ष का भी है बकाया
गत वर्ष के गन्ना भुगतान की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि किनौनी, मवाना, नंगलामल, मोहिउद्दीनपुर चीनी मिलों द्वारा पूरा भुगतान नहीं किया गया है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को चीनी मिलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।