फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दलित उपद्रव में बैकफुट पर मिजाज भांप रही बसपा

विज्ञापन
विज्ञापन
दलित उपद्रव में बैकफुट पर मिजाज भांप रही बसपा
विज्ञापन

मेरठ। दो अप्रैल को हुए दलित उपद्रव में बहुजन समाज पार्टी पूरी तरह से बैकफुट पर है। पार्टी आलाकमान ने इस बाबत फरमान जारी किया है कि किसी तरह का विवादित बयान पार्टी नेता जारी न करें। न ही इस प्रकरण में हुई बसपाइयों की गिरफ्तारी के विरोध में कोई धरना प्रदर्शन होगा।
इस बवाल में सबसे ज्यादा सुर्खियों में इस समय बसपा है। पुलिस प्रशासन भी यह मानकर चल रहा है कि शहर में हुए बवाल में बसपाइयों की अहम भूमिका है। बवाल का मुख्य आरोपी मानते हुए पूर्व विधायक योगेश वर्मा तथा बसपा के जोन कोऑर्डिनेटर सुनील जाटव, मंडल को-आर्डिनेटर दिनेश काजीपुर आदि को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन इस बात की जानकारी में लगा है कि आखिर इतने झंडे, डंडे कहां से आ गए। किसने इस पूरे बवाल की पटकथा तैयार की।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर बसपा आलाकमान प्रकरण से पूरी तरह से पल्ला झाड़ रहा है। निर्देश दिए गए हैं कि बसपा इस घटना के विरोध या समर्थन में किसी तरह का कोई प्रदर्शन फिलहाल नहीं करेगी। न ही इस मसले पर किसी तरह की बड़ी बैठक का आयोजन किया जाएगा। यहां तक कि किसी तरह का विवादित बयान भी इस संबंध में नहीं दिया जाएगा। उधर, वेस्ट यूपी प्रभारी भी इस पर निगाह रख रहे हैं। अहम यह भी है पुलिस प्रशासन इस पर विशेष नजर रखे है कि उपद्रव के बारे में कहीं कोई बैठक तो नहीं हो रही। यही कारण था कि दो दिन पूर्व महापौर कैंप पर रात के समय बसपाइयाें की बैठक की सूचना पर पुलिस ने छापा भी मारा। बस यही मैसेज पार्टी थिंक टैंक नहीं देना चाहता है कि पार्टी के और लोग गिरफ्तार हों। यह मैसेज जाए कि इस प्रकरण में लगातार बसपाई पकडे़ जा रहे हैं। खास तौर पर इसका ख्याल रखने को कहा गया है। यह भी जानकारी जुटाने को कहा है कि दूसरे दल इसे किस तरह से ले रहे हैं। खास तौर पर गांवों में फूंक-फूंक कर कदम रखने को कहा गया है।


खास बातें:
आला कमान का फरमान, बसपाई रहें विवाद से दूर
को-आर्डिनेटरों के माध्यम से भिजवाए संदेश
जो बसपाई पकड़े गए, उन पर भी न करें बयानबाजी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें