मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 108 परीक्षा केंद्रों में से 20 परीक्षा केंद्र बदले जा सकते हैं। यह वे परीक्षा केंद्र हैं, जो या तो मानकों के विपरीत दूर बना दिए गए हैं या फिर जिन्हें क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें 76 आपत्तियों पर सुनवाई होगी।
यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा केंद्रों के निर्धारण मानकों के विपरीत कर दिए गए हैं। इससे स्कूल संचालक और परीक्षार्थी परेशान हैं। मेरठ में इस बार यूपी बोर्ड की ओर से 108 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, पिछले साल 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। नियम के तहत लड़कियों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से अधिकतम पांच किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है, जबकि लड़कों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है। जिन स्कूलों में मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उन सभी स्कूल संचालकों की ओर से आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि पिछले साल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा एक साथ होती थी, मगर इस बार ऐसा नहीं है, इनके एक पाली में पेपर नहीं हैं। लिहाजा कई विद्यालयों में यह भ्रम भी है कि उनके यहां क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आएंगे। आपत्तियों पर गहनता से छानबीन के बाद इन्हें निस्तारित किया जाएगा।