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छात्रसंघ चुनाव

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छात्रसंघ चुनाव होने मुश्किल, तय अवधि पूरी
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मेरठ। छात्रसंघ चुनाव पर संकट के बादल गहरा गए हैं। नियम मुताबिक अब यह होने मुश्किल हैं। लिंगदोह समिति की सिफारिश मानी जाए तो चुनाव कराने की अवधि पूरी हो चुकी है। सत्र शुरू होने के बाद 52 दिन गुजर गए हैं। सीसीएसयू ने कैंपस के भी छात्रसंघ चुनाव स्थगित किए हैं। छात्रों को नई तिथि आने की उम्मीद है, लेकिन नियम के मुताबिक देखा जाए तो चुनाव होते नहीं दिख रहे हैं।
शुक्रवार को सीसीएसयू के 29वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करने आए कुलाधिपति राम नाईक ने आचार संहिता का असर चुनाव पर पड़ने की बात कही थी। साथ में यह भी कहा था कि उम्मीद है सीसीएसयू में चुनाव होंगे। शाम को विवि ने तीन दिसंबर को तय चुनाव की तिथि स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया। छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिश के मुताबिक होते हैं। नियम की जहां बात आती है, वहां लिंगदोह सिफारिश का पालन किया जाता है। सिफारिश के मुताबिक सत्र शुरू होने के 52 दिन के अंदर छात्रसंघ चुनाव हो जाने चाहिए। सीसीएसयू के सत्र 2017-18 में 15 सितंबर को दाखिले बंद कर दिए थे। एलएलबी के दाखिले 15 सितंबर तक हुए थे। इसके बाद सेल्फ फाइनेंस कोर्स में दाखिले की बढ़ाई गई अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। 15 सितंबर के हिसाब से 52 दिन से अधिक का समय हो चुका है। 30 सितंबर को भी लिया जाए तो अभी निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू है, इस वजह से विवि ने तीन दिसंबर की चुनाव तिथि स्थगित की। इस स्थिति में भी 52 दिन से अधिक अवधि हो जाएगी। दीक्षांत समारोह की तैयारी में लगे विवि पर जब छात्रों ने दबाव बनाया था तो तीन दिसंबर तिथि घोषित की गई थी। अब नगर निकाय चुनाव चल रहे हैं। फोर्स दूसरे जिलों में भी जाएगी। इसलिए चुनाव के लिए फोर्स मिलना भी मुश्किल है।
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छात्र करेंगे चुनाव की मांग
दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव की मांग अभी ठंडी नहीं पड़ी है। छुट्टी के बाद सोमवार को जब विश्वविद्यालय खुलेगा तो छात्र इस बारे में मांग कर सकते हैं। विवि कैंपस, मेरठ कॉलेज, डीएन कॉलेज और एनएएस कॉलेज में चुनाव लड़ने के इच्छुक बिना चुनाव के ही प्रचार में काफी खर्च कर चुके हैं। करीब एक महीने से वह तैयारी में जुटे हैं। उनको चुनाव की उम्मीद है। चुनाव होता है तो मामला कोर्ट में भी जा सकता है।
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