मेरठ। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से जनता को मिलने वाले गेहूं और चावल की कालाबाजारी हो रही है। मंगलवार को संयुक्त खाद्य आयुक्त ने लक्खीपुरा में छापामारी कर इसका खुलासा किया। दुकानदार 800 में से केवल 92 परिवारों को ही मशीन से राशन वितरण कर रहा था। जबकि बाकी 708 परिवारों का राशन प्रॉक्सी से निकालकर बाजार में बेचा जा रहा था।
मंडलीय संयुक्त खाद्य आयुक्त अनिल दूबे ने सप्लाई इंस्पेक्टर शिखा पांडे के साथ लक्खीपुरा में सारिक खान पुत्र शाहिद खान की राशन की दुकान पर छापा मारा। संयुक्त खाद्य आयुक्त ने बताया कि टीम पहुंचते ही दुकानदार दुकान बंद करके भाग खड़ा हुआ। माह में राशन वितरण की रिपोर्ट के अनुसार दुकान पर 800 परिवारों के राशन कार्ड हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शहर में मशीनों से राशन का वितरण होता है। राशन डीलर ने पूरे माह अक्तूबर में केवल पांच प्रतिशत परिवारों को यानी 92 राशन कार्ड धारकों को ही मशीन से राशन का वितरण किया है। बाकी 708 परिवारों के नाम पर बगैर मशीन के यानी प्रॉक्सी से राशन का वितरण दर्शाया है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राशन डीलर ने सरकारी गेहूं और चावल की कालाबाजारी की है। दुकान को सील कर दिया गया है।
पांच दुकानें हो चुकीं सील
आपूर्ति विभाग के एआरओ और इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली और राशन विक्रेताओं का कारनामा उच्चाधिकारियों के द्वारा दुकानों पर की जा रही छापामारी में खुलकर सामने आ रहा है। सरकारी राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। अधिकारी राशन वितरण में अपनी जिम्मेदारी को भूलकर अपने कार्यालय में बैठकर ही वितरण की रिपोर्ट जारी कर रहे हैं। संयुक्त खाद्य आयुक्त के अनुसार एक सप्ताह के भीतर द्वितीय और तृतीय एरिया की पीसीएस 3-2 मास्टर कालोनी, मनोज गर्ग ठठेरवाड़ा, प्रवीण कुमार कागजी बाजार, पंकज कुमार पूर्वा अहिरान की दुकानों को सील किया गया है। जो मशीन से वितरण करने के बजाय प्रॉक्सी से राशन वितरण होना दर्शा रहे हैं।
राशन डीलरों के पास फर्जी राशन कार्ड
राशन डीलरों के पास फर्जी राशन कार्ड जमा बताए जा रहे हैं। जिनका उपयोग वह प्रॉक्सी से राशन वितरण में करते हैं। यही कारण है कि प्रतिमाह शहर में राशन की दुकानों से काफी क्विंटल सरकारी गेहूं और चावल क्षेत्र की आटा चक्कियों और मिलों में पहुंच रहा है।
खास बात
- संयुक्त खाद्य आयुक्त ने लक्खीपुरा में की छापामारी, दुकानदार मौके से भागा
- 800 में से 92 परिवारों को ही होता मिला मशीन से राशन वितरण, दुकान सील