मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन हुआ शुरू
पहले दिन 861 अभ्यर्थियों का हुआ वेरिफिकेशन, भारी भीड़ पहुंची
मेरठ। नीट 2017 (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन की रविवार को शुरुआत हुई। पहला दिन अभ्यर्थी और वेरिफिकेशन कराने वालों के लिए परेशानी भरा रहा। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में डेढ़ से दो हजार के करीब अभ्यर्थी और परिजन पहुंच गए। व्यवस्था चरमरा गई। वेरिफिकेशन के लिए टोकन को लेकर धक्कामुक्की तक हुई। लंबी लाइन लगी। उमस में अभ्यर्थियों से लेकर परिजनों तक के पसीने छूट गए। काफी अभ्यर्थी ऐसे रहे जो कागज पूरे लेकर नहीं पहुंचे थे।
एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन के लिए अभी नीट से स्टेट रैंक घोषित नहीं की गई हैं। सत्र में देरी न हो इसके लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम जल्दी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही रैंक आने की उम्मीद है। नौ जुलाई से 13 जुलाई तक वेरिफिकेशन का काम होना है। पहली बार वेरिफिकेशन ऑनलाइन हो रहा है। रविवार को 451 अंक से लेकर ऊपर तक के सभी अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन था। मेरठ और आसपास के जिलों के करीब डेढ़ हजार अभ्यर्थी और उनके परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। कॉलेज ने 100-100 के लॉट में टोकन जारी किए गए। टोकन लेने को लेकर धक्कामुक्की तक हो गई। अभ्यर्थी और उनके परिजनों ने हंगामा भी किया। किसी तरह उनको शांत किया गया। परिजन और अभ्यर्थियों की क्वेरी भी काफी थी। ऑनलाइन वेरिफिकेशन ने काम में आसानी की, लेकिन ऑफलाइन व्यवस्था को संभालने में कॉलेज के स्टॉफ को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को 321 अंक से लेकर 450 अंक तक के सभी अभ्यर्थियों को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया है।
इन डॉक्यूमेंट्स का होना है वेरिफिकेशन
वेरिफिकेशन में 10वीं की मार्कशीट, 12वीं की मार्कशीट, डोमेशाइल, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अगर किसी अभ्यर्थी का गैप ईयर है तो उसका सर्टिफिकेट और आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। जिनके वेरिफिकेशन की डेट छूट गई है, वह 13 जुलाई को करा सकते हैं।
861 का हुआ वेरिफिकेशन
वेरिफिकेशन के इंचार्ज और मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. विभु साहनी के मुताबिक पहले दिन 861 अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन हुआ। 15 वेरिफिकेशन में इश्यू था। वह मुख्यालय के पास निर्देश के लिए भेजा गया है। छूटे हुए अभ्यर्थी 13 जुलाई को आ सकते हैं। कुछ अभ्यर्थियों के कागजात पूरे नहीं थे, इसलिए वह लौट गए।