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कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के खिलाफ तीखे बोल

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मेरठ। कांग्र्रेस छोड़कर गए निलंबित जिलाध्यक्ष विनय प्रधान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लंबे समय से लिप्त थे। वे पार्टी में रहकर अपने हित साध रहे थे। यह आरोप महानगर अध्यक्ष एवं प्रभारी जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी ने बुढ़ाना गेट स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में लगाए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में रहकर विनय प्रधान ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर टिप्पणी करके सभी कांग्रेसियों की भावनाओं को आहत किया था। इसके चलते ही उन्हें पार्टी ने गत 13 जुलाई को सभी पदों से निलंबित कर दिया था। विनय ने जिलाध्यक्ष रहते हुए दक्षिण विधानसभा सीट से प्रत्याशी को भी अपनी मर्जी से उतारा ताकि दूसरी पार्टी के प्रत्याशी एवं रिश्तेदार को आसानी से जिताया जा सके। इसकी शिकायत भी एक पूर्व विधायक ने राहुल गांधी से की थी। शर्मा ने विनय प्रधान पर पार्टी सदस्यता शुल्क का पैसा भी जमा नहीं कराने का आरोप लगाया। इस मौके पर पूर्व विधायक पंडित जयनारायण शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता मनोज त्यागी, अभिमन्यु त्यागी, मतन सिंह डेढ़ा, अशोक भारती, हरिकिशन वर्मा, अखिल कौशिक, सैयद सलीमुद्दीन शाह, दिनेश मोहन शर्मा, प्रमोद शर्मा, सलीम खान, महेंद्र गुर्जर, अनिल शर्मा, अरुण कौशिक, मुकुल मित्तल आदि मौजूद रहे।
विनय ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
विनय प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वे एकमात्र ऐसे जिलाध्यक्ष रहेे हैं जिन्होंने सदस्यता शुल्क का सबसे ज्यादा डेढ़ लाख रुपया डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कराया है। महानगर अध्यक्ष किशनी तो 50 हजार रुपये भी जमा नहीं करा सके हैं। इसके अलावा पार्टी ऑफिस की रिपेयर पर 6 लाख से ज्यादा खर्च किया है जो पार्टी ने अभी तक नहीं दिया। वे तमाम सवालों और आरोपों का जवाब शुक्रवार को प्रेस वार्ता में देंगे।
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खास बात
- कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष किशनी ने प्रेस कांफ्रेंस कर विनय प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
- कहा कि पार्टी में रहकर पार्टी को कमजोर करने का कर रहे थे काम
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