मेरठ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का द्विवार्षिक अधिवेशन मंगलवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ। जिसमें निर्विरोध चुनाव प्रक्रिया में विपिन त्यागी जिलाध्यक्ष और कामरेड रविपाल सिरोही जिला महामंत्री चुने गये। अधिवेशन का उद्घाटन इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लायज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
अधिवेशन में योगी सरकार के सौ दिन पूरे होने पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि बिना कर्मचारियों के सहयोग किसी भी सरकार का सफल होना संभव नही है। उसके बाद भी अधिकारियों द्वारा लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने मेरठ विकास प्राधिकरण में घटित हुई घटना को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि यूपी सरकार के गठन के बाद परिषद का प्रतिनिधिमंडल समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मिला था। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया था। लेकिन सरकार का रवैया कर्मचारियों के प्रति खराब ही रहा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष संदीप बड़ोला ने कहा कि वर्तमान परिवेश में अगर शीघ्र बदलाव नही हुआ तो कर्मचारियों को संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
अधिवेशन के समापन की घोषणा के साथ द्वितीय सत्र के लिए नामित चुनाव अधिकारी डॉ. पीके सिंह व राम निवास को अगले सत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिवेशन में गाजियाबाद के मंत्री राजकुमार सिंह, मुरादाबाद मंडल से वृंदावन जौहरे, विकास प्राधिकरण संयुक्त संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, परिषद जिला अध्यक्ष विपिन त्यागी, जिला मंत्री विजयपाल लाटियान आदि ने विचार रखे।
जिला इकाई का हुआ चुनाव
अधिवेशन में मुख्य चुनाव अधिकारी रामनिवास ने नवनिर्वाचित जिला कार्यकारिणी समिति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के द्विवार्षिक अधिवेशन में विजयपाल लाटियान द्वारा नाम वापसी के बाद चारों पदों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ। जिसमें विपिन त्यागी को फिर से जिलाध्यक्ष चुना गया। लाखन सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कामरेड रविपाल सिरोही को जिला महामंत्री, अमरीश कुमार शर्मा को विभाग संप्रेक्षक चुना गया है।
खास बात
- मेडिकल कालेज में हुआ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का द्विवार्षिक अधिवेशन
- विपिन त्यागी फिर बने परिषद के अध्यक्ष, अधिवेशन में हुई योगराज के 100 दिनों की चर्चा