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108 कलश की यात्रा निकाली, फूलों से हुआ स्वागत

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मेरठ..कंवलजीत..शहर दाल मंडी स्थित सिद्धपीठ श्री खाटू श्याम मंदिर से निकली कलश शोभायात्रा.......
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मेरठ। नगर निगम स्थित बाबा झारखंडी शिव मंदिर में सोमवार को श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा से पूर्व सोमवार को 108 कलश की यात्रा निकाली गई। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया।
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सिद्धपीठ खाटू श्याम मंदिर शहर दालमंडी से कीर्तन करते हुए श्रद्धालु वैली बाजार, घंटाघर होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। व्यापारियों ने जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा व जलपान कराकर स्वागत किया। इसके उपरांत दोपहर तीन बजे से कथा शुरू हुई। वृंदावन से पधारे व्यास पीठ पर डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने प्रथम दिन कथा में नारद चरित्र, चतुः श्लोकी का विवरण करते हुए बताया कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है। जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत परमात्मा का अक्षर स्वरूप है।
यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। यह कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। भागवत का अर्थ करते हुए कहा कि भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के द्वारा ही जीव का कल्याण संभव है और इसकी पूर्णता के लिए सद्गुरु की शरण को ग्रहण करना चाहिए। मनुष्य के दैहिक व भौतिक तापों को नष्ट करने वाली और जीवन में ज्ञान मंगल सुख प्रदान करने वाली श्रीमद भागवत कथा मोक्ष को प्रदान करने वाली है। ये मनुष्य को दैविक पुण्य प्रदान करने के साथ निष्काम भक्ति के भाव से जोड़ती है। परोपकार की भावना हमारे जीवन को श्रेष्ठता प्रदान कर भगवान के निकट ले जाने का कार्य करती है।भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की व्याख्या के अलावा गोकरण धुन्धकारी की कथा का वर्णन किया। इस मौके पर अनिल रस्तोगी, अरुण अग्रवाल, अमन अग्रवाल, राजेश शर्मा समेत आदि लोग मौजूद रहे।
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