मेरठ। नया पेराई सत्र 28 अक्तूबर से शुरू करने का दावा किया जा रहा है और मंडल के किसानों का 9 चीनी मिलों पर 1076 करोड़ बकाया है। बेटियों की शादी, इलाज और बच्चों की स्कूल फीस के लिए किसानों को कर्ज लेना पड़ रहा है।
केन एक्ट के अनुसार खरीद के 14 दिन के अंदर गन्ने का पैसा किसान के खाते में भेज दिया जाना चाहिए। प्रावधान के बावजूद ऐसा होता नहीं और मिलों पर नए सत्र तक भी पुराने सीजन का पैसा बकाया रहता है। वर्ष 2021-22 पेराई सत्र में मेरठ मंडल की 17 चीनी मिलों ने किसानों से 5,455 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा। इसके मुकाबले 11 अक्तूबर 2022 तक 4,379 करोड़ का भुगतान किया गया है। मेरठ जिले में किनौनी मिल पर किसानों का 219 करोड़ और मोहिउद्दीनपुर मिल पर 70 करोड़ रुपये बकाया है। (संवाद)
क्रेडिट कार्ड से लिया पैसा
नवंबर में बेटी की शादी है। मोहिउद्दीनपुर मिल पर बकाया है। गन्ना भुगतान समय पर न होने के लिए इधर-उधर से रुपयों का इंतजाम करना पड़ रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड से भी कर्ज लिया है। आले अली, गन्ना किसान, गांव कांशी
कर्ज ले कराया इलाज
बीमारी में इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। गन्ना भुगतान न होने के कारण कर्ज में डूब चुका हूं। अभी भी मोहिउद्दीनपुर मिल की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। वेदपाल सिंह, गन्ना किसान, ढिंढाला
दोस्तों से लिया उधार
बच्चों की फीस के लिए दोस्तों से पैसा उधार लिया है। चीनी मिल हमारा पैसा नहीं दे रही। सोसाइटी ने भी खाद का पैसा इसी साल काट लिया जिससे दोहरी मार पड़ी है। बबलू गुर्जर, गन्ना किसान
किस मिल पर 11 अक्तूबर 2022 तक कितना बकाया
मिल रुपये करोड़ में
किनौनी 219.38
मोहिउद्दीनपुर 70.43
मोदीनगर 150.83
सिंभावली 183.72
ब्रजनाथपुर 51.42
मलकपुर 332.01
बागपत 13.20
रमाला 44.86
अनूपशहर 10.30
योग: 1076