मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की जांच में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर 1.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। कंकरखेड़ा क्षेत्र में आर्या एंटरप्राइजेज नाम की कागजों में फर्म बनाकर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई गई। मामले में कंकरखेड़ा थाने में फर्म के स्वामी साकिब चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राज्य कर अधिकारी देवेंद्र कुमार की ने प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि साकिब चौहान ने अप्रैल 2021 में लोहे और बैट्री के कबाड़ व्यापार के लिए पंजीकरण कराया था। फर्म को कासिमपुर कंकरखेड़ा के पते पर पंजीकृत कराई गई थी। अगस्त 2021 में विशेष अनुसंधान शाखा के उपायुक्त ने भौतिक सर्वे किया। जांच में मौके पर कोई फर्म अस्तित्व में नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने भी साकिब चौहान या फर्म के बारे में जानकारी होने से इन्कार किया। पंजीकरण के समय दिया गया मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ मिला। विभागीय जांच में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान फर्जीवाड़े का पता चला।
फर्म ने बिना वास्तविक खरीद के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया। इस फर्जी क्रेडिट का उपयोग करीब 5.08 करोड़ रुपये की बिक्री की करदेयता को चुकाने में किया गया। वास्तव में कोई माल खरीदा या बेचा नहीं गया था। केवल कागजी हेरफेर के जरिए यह धोखाधड़ी की गई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि बीएनएस की धारा 318 (4) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।