फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सालभर में लाखों की कमाई, सुविधा देने में लापरवाही

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। एक साल तीन महीने गुजर जाने के बाद भी डाक विभाग कैंट स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पर जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाया है, जबकि डाक विभाग को इस सेवा केंद्र से सालभर में 3160410 रुपये की आय हुई है। दरअसल विदेश मंत्रालय की ओर से डाक विभाग को एक पासपोर्ट पर 330 रुपये मिलता है। वहीं पासपोर्ट सेवा केंद्र पर बीते एक साल में 9577 आवेदन आए। यह खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता मनोज चौधरी की आरटीआई से हुआ है।
विज्ञापन

कैंट स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ फरवरी 2018 में हुआ था। केंद्र में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई बार सांसद ने भी पत्राचार किया। इसके बाद आवेदकों के लिए कुछ व्यवस्थाएं हुईं। इसके बाद भी कई जरूरी सुविधाएं केंद्र पर नहीं है। ऐसे में एक साल से ऑनलाइन यूपीएस डिब्बे में बंद पड़े हैं।
तीन माह से अटकी वायरिंग
थ्री-फेज कनेक्शन न होने के चलते पासपोर्ट और डाक विभाग के बीच कई महीने रार चली। हालांकि, एमओयू के अनुसार केंद्र पर सभी सुविधाएं डाक विभाग को मुहैया करानी हैं। लेकिन काम को समय से पूरा नहीं किया गया। काफी जद्दोजहद के बाद केंद्र पर बोर्ड और तार तो लगा दिया गया, लेकिन तीन माह बाद भी वायरिंग नहीं हो पाई है। पासपोर्ट केंद्र के सहायक आकाश तोमर का कहना है कि इस मामले को गाजियाबाद क्षेत्रीय कार्यालय भेज दिया गया है। मामले का जल्द समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन

जेनरेटर की आती है आवाज
केंद्र पर पुराने जमाने का जेनरेटर लगा दिया गया है, जिसकी तेज आवाज से सालभर से कर्मचारी और आवेदक परेशान हैं। साइलेंट जेनरेटर के लिए अभी तक डाकघर विभाग आनाकानी कर रहा है। इससे केंद्र पर ध्वनि प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें