‘विधान से असाध्य रोग हो जाते है दूर’
मवाना। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान श्री शांतिनाथ भगवान की जिन प्रतिमा के सम्मुख श्री शांतिनाथ विधान का शुभारंभ हुआ। जिसमें आचार्य विशद सागर महाराज जी, आचार्य निशंक भूषण जी, महाराज मुनि भाव भूषण महाराज जी, मुनि भव्य भूषण महाराज जी, मुनि समाधि सागर महाराज जी, मुनि विशाल सागर महाराज जी, क्षुल्लक रचित सागर महाराज जी व माता जी का सानिध्य एवं मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ। जिसमें ब्र. सुनीता दीदी के दिशा निर्देशन में विधानाचार्य पं. आशीष शास्त्री के द्वारा 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ ध्वाजारोहण के साथ हुआ। दिव्य घोष के साथ सभी महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा निकाली। शांतिधारा करने का सौभाग्य विपिन कुमार जैन, बबीता जैन को मिला?
आचार्य विशद सागर महाराज जी ने विधान की महत्ता को बताते हुए कहा है कि इस विधान को करने से हमारे जीवन में आने वाली समस्त विघ्न बाधाएं दूर होती हैं एवं कोई भी कार्य बड़ी ही सरलता से पूर्ण हो जाते हैं। देव शास्त्र गुरु की भक्ति करने से सम्यक दर्शन की प्राप्ति होती है। शांतिनाथ विधान को करने से असाध्य से असाध्य रोग भी दूर हो जाते है। हस्तिनापुर में शांतिनाथ भगवान व शांतिनाथ विधान का विशेष महत्व है। ऐसे विधान को 40 दिन जो करते है। उनके जन्म, जन्मांतर के पाप कर्म नष्ट हो जाते है। समस्त कार्यक्रम में क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन, मंत्री प्रद्युम्न कुमार जैन, मंत्री राजीव कुमार जैन, सुमित प्रसाद जैन, प्रदीप जैन, महेंद्र कुमार जैन, नरेंद्र सिंह जैन, विनोद कुमार जैन, सैंकी जैन, युगांक जैन, संदीप जैन, विनोद कुमार जैन, रजत जैन आदि उपस्थित थे।