- दिल्ली की कंपनी के अधिवक्ता ने रखा पक्ष
- स्टे आर्डर को निरस्त कराने की मांग रखी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और गांवडी में कूड़ा निस्तरण प्लांट के मामले पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई की गयी। जिसमें दिल्ली की आईएलएंडएफएस कंपनी की तरफ से अधिवक्ता ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 26 अप्रैल नियत की है।
400 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने को उप्र सरकार द्वारा चयनित की गयी आईएलएंडएफएस कंपनी के विरोध में महाराष्ट्र की कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसमें दिल्ली की कंपनी ने सरकार की मंशा पर भी प्रश्न चिह्न लगाए। साथ ही पिछले साल महाराष्ट्र की कंपनी के साथ अनुबंध होना भी दर्शाया गया। पिछली तारीख पर न्यायालय ने स्टे आर्डर जारी कर दिया था। जिसको लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई थी। दिल्ली की कंपनी की तरफ से अधिवक्ता ने न्यायालय में मेरठ की स्थिति से अवगत कराया। स्टे ऑर्डर को खारिज करने की मांग की। जिस पर न्यायालय ने आगामी 26 अप्रैल को फिर से सुनवाई नियत की है।
आज डेयरी मामले में सुनवाई
मेरठ। महानगर से डेयरियों को बाहर न किए जाने के मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। आज मंगलवार को हाईकोर्ट ने नगरायुक्त को तलब किया हुआ है। जिसमें नगरायुक्त को जवाब दाखिल करना होगा। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की हुई है। जिस पर न्यायालय ने 16 अप्रैल की तिथि निर्धारित की हुई है। शहर से डेयरियों को बाहर न किए जाने पर हाईकोर्ट नाराज है।