103 करोड़ रुपये था दिसंबर में टैक्स
92-95 करोड़ रह गया जनवरी-फरवरी में टैक्स
32 हजार व्यापारी पंजीकृत थे वैट, जीएसटी में 51 हजार से ज्यादा
- बढ़ने के बजाय घट रहा टैक्स, दिसंबर से कम हुआ जनवरी-फरवरी का टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर फर्जीवाड़े की मार पड़ रही है। नतीजतन, उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं हो रही है। अलबत्ता, पिछले तीन माह के आंकड़े तो चौंकाने वाले हैं। बढ़ोतरी के बजाय टैक्स कम हो गया है।
वाणिज्य कर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 में 103.54 करोड़ रुपये जीएसटी वसूला गया था। लेकिन जनवरी 2019 में यह घटकर 92.74 करोड़ रुपये रह गया। फरवरी 2019 में 95.19 करोड़ रुपये वसूला गया। कुछ जालसाज टैक्स देना तो दूर, सरकार को चूना लगाने केलिए फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये रिफंड ले चुके हैं। जीएसटी लागू होने के बाद मेरठ में 19 हजार 39 नए व्यापारियों ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पहले यहां 32 हजार व्यापारी वैट के तहत पंजीकृत थे। इस तरह अब जीएसटी के तहत मेरठ में 51 हजार 39 व्यापारी पंजीकृत हैं।
ऐसे कर रहे फर्जीवाड़ा
जालसाज बड़े पैमाने पर फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार करते हैं। इसके बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करते हैं। फर्जी कंपनियां को सिर्फ कागजों में बनाते हैं। कहीं कोई ऑफिस नहीं होता है। इन कंपनियों को जीएसटी के तहत पंजीकृत भी करा दिया जाता है। कामकाज के फर्जी बिल बनाए जाते हैं। बिना किसी लेन-देन के इन कंपनियों के नामों पर व्यापार दिखा कर टैक्स इनवॉइस तैयार कर लेते हैं। सरकार इन्हें रिफंड भी देती है।
इन फर्जीवाड़ों पर नजर
वाणिज्य कर विभाग और जीएसटी काउंसिल का मुख्य फोकस अब इस तरह के टैक्स चोरी के मामलों पर होगा, जिनमें बिलबुक के जरिए फर्जीवाड़ा, टर्नओवर छिपाकर, रिफंड के जरिए, फर्जी बिल बनाकर और तथ्यों को छिपाकर फर्जीवाड़ा किया गया होगा।
60 करोड़ का लिया क्लेम
पिछले दिनों मेरठ की टीम सीजीएसटी टीम ने खुलासा किया था, जिसमें फर्जी कंपनियों के फर्जी जीएसटी बिल 297 करोड़ तक के बना लिए थे। इन फर्जी कंपनियों के फर्जी बिलों पर सरकार से 60 करोड़ रुपये रिफंड भी मिल गया था यानी बिना कुछ किए ही सरकार से सिर्फ फर्जी कागजातों के दम पर 60 करोड़ रुपये ले लिए थे। इस फर्जीवाड़े में टैक्स अधिवक्ता, चार्टेड अकाउंटेंट भी शामिल थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसमें दिल्ली, गाजियाबाद के लोग भी शामिल थे।
टैक्स चोरी के डेढ़ दर्जन मामले
जीएसटी के तहत 25 लाख से ज्यादा की टैक्स चोरी के करीब डेढ़ दर्जन मामलों की सूची जीएसटी काउंसिल को भेजी जा रही है, जीएसटी काउंसिल की इन्वेस्टिगेशन विंग ऐसे मामलों की निगरानी करेगी।
होगी सख्ती, टैग सिस्टम लागू होने पर बढ़ेगा टैक्स
ट्रकों आदि वाहनों पर लगने वाले टैग सिस्टम के लागू होने से टैक्स में बढ़ोतरी होगी। यह सिस्टम चुनाव बाद लागू हो पाएगा। वैट में बढ़ोतरी 14-15 प्रतिशत सालाना होती थी, जीएसटी में भी कमोबेश यही स्थिति है। -वीएन सिन्हा, एडिशनल कमिश्नर, वाणिज्य कर