खिलाड़ियों के प्रतिबंधित दवाओं के सेवन से अधिकारी परेशान
- वेटलिफ्टिंग में प्रतिभाग करने वाले अधिकतर युवा ले रहे स्ट्रॉयड
मेरठ। एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में कॅरियर बना रहे युवा खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाओं का जमकर सेवन कर रहे हैं। जल्दी शरीर बनाने के लालच में खिलाड़ी अपने शरीर को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं से रोकने के लिए खेल अधिकारी चिंतित हैं। स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग कोच विनोद शर्मा भी प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का काफी समय से विरोध कर रहे हैं।
वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं से बचाने के लिए खेल अधिकारी मुहिम छेड़ने जा रहे हैं। स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग कोच विनोद शर्मा लंबे समय से खिलाड़ियों को लोकल प्रोटीन और स्ट्रॉयड से बचाने की मुहिम चला रहे हैं। कोच विनोद शर्मा ने बताया लोग फर्जी एसोसिएशन चलाकर खिलाड़ियों को गलत राह पर ले रहे हैं। युवाओं को शरीर बनाने के लिए स्टॉयड सहित अन्य प्रतिबंधित दवाएं दी जा रही हैं। जबकि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) और नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने खिलाड़ियों के गाइडलाइन भी जारी की गई है, लेकिन खिलाड़ियों को जल्द शरीर बनाने का लालच उनके शरीर और सेहत से खिलवाड़ कर रहा है।
उन्होंने बताया कई खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाओं के सेवन से जान भी गवां चुके हैं। जिमों के अंदर प्रशिक्षकों को भी युवाओं को गलत रास्ते से बचाना होगा। कोच विनोद शर्मा ने बताया वाडा और नाडा के अधिकारियों से मामले में बातचीत चल रही है। मेरठ जिले में खिलाड़ियों को जागरूक करने को अभियान चलाया जाएगा। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया युवाओं में प्रतिबंधित दवाओं को सेवन बढ़ा है। स्टेडियम के खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं के बारे में बताया जाता रहा है। लेकिन निजी खेल संस्थानों में प्रतिबंधित दवाओं को सेवन धड़ल्ले से हो रहा है। जिसके लिये वाडा और नाडा अधिकारियों के साथ मेरठ में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। समय समय पर युवाओं को लोकल प्रोटीन और प्रतिबंधित दवाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।