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इस शहर में शोहदों की दहशत
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मेरठ। बाजार हो या भीड़भाड़ वाला इलाका, शोहदों की दहशत बनी है। लेकिन एंटी रोमियो स्क्वायड गायब है। पुलिस अधिकारी दावे करते हैं कि बेटियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता पर है। लेकिन इस शहर में हाल यह हो चुका है कि बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। छेड़खानी की घटनाओं को लेकर पहले भी कई बार माहौल खराब हो चुका है, इसके बावजूद पुलिस का रवैया बदलने का नाम नहीं ले रहा।
कहां गए मनचलों को पकड़ने वाले
प्रदेश में योगी सरकार बनते ही छेड़छाड़ पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी रोमियो स्क्वायड गठित किया था। लेकिन इसका असर शुरुआत में ही दिखा और फिर खुद पुलिस ने इस मुख्यमंत्री के अभियान को पलीता लगा दिया। अब हालत यह है कि फिर से शोहदे सड़कों पर बेखौफ होकर बेटियों से छेड़खानी करने लगे है। बस में सोफिया की बच्ची से छेड़छाड़ की घटना पर भी पुलिस की नींद नहीं टूटी।
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नजरअंदाज करने की आदत पड़ी
हापुड़ रोड स्थित जीजीआईसी के सामने छेड़छाड़ के दौरान एक छात्रा की गर्दन में चोट लग गई थी। वहीं, लिसाड़ी गेट क्षेत्र में एक मनचले ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर कक्षा पांच की छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए थे। इससे पहले दो छात्राओं ने मनचलों से तंग आकर आत्मदाह तक कर लिया था तो कई छात्राएं पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। कई घटनाएं सामने नहीं आतीं तो कई गंभीर वारदातों को देखकर भी पुलिस की नजरअंदाज करने की आदत पड़ गई है। ज्यादा दबाव पड़ने पर एक-दो दिन अभियान चलाकर फिर पुलिस शांत बैठ जाती है।
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खुद करें बेटियां की हिफाजत
शोहदों से बेटियां डरने लगी हैं। ऐसे हालात में खुद ही बेटियों की हिफाजत परिजनों को करनी चाहिए। स्कूल में जाते समय या बाजार में शॉपिंग के दौरान परिजन बच्ची के साथ जाएं, ताकि शोहदों से खुद निपट सकें। पुलिस से कोई उम्मीद मत करो कि वह सुरक्षा मुहैया करा देगी। हालांकि कई जगहों पर बेटियों ने ही शोहदों को सबक भी सिखाया है।
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