रटौल गांव में पेयजल की आपूर्ति बड़ी समस्या बनी
चांदीनगर (बागपत)। रटौल गांव में पेयजल की आपूर्ति बड़ी समस्या बन गई है। कई बस्ती के लोग आज भी दूसरों के सहारे से पानी की आपूर्ति करते हैं। हैंडपंप खराब हो जाए तो परेशानी हो जाती है। पाइप पेयजल योजना चली तो जरूर, लेकिन पाइप लीकेज के कारण आज ठप है। पानी की सप्लाई कहीं भी नहीं हो रही है। ओवर हेड टैंक केवल नाम मात्र को है।
रटौल गांव में पाइप पेयजल योजना चलाई इसलिए थी कि लोगों को शुद्ध पानी मिले। हैंडपंप और अन्य के सहारे न रहे। इस पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। गांव की अधिकांश बस्तियों तक पाइप लाइन बिछाई गई है। पांच वर्ष पूर्व कार्य पूरा हो गया था। शुरू के एक-दो माह से पानी सही चला, लेकिन उसके बाद पाइप लीकेज होने शुरू हो गए। गलियों में जलभराव की समस्या रहने लगी। लोगों के घर तो शुद्ध पानी पहुंचा नहीं, मगर गलियों में जलभराव ने परेशानियों में डालना शुरू हो गया। प्रधान ने लीकेज पाइपों को ठीक कराया तो, पर बात नहीं बनी। बीच-बीच में पानी सप्लाई भी किया गया। अब जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल रहा है। हैंडपंप से ही पूर्ति कर रहे है।
खराब क्वालिटी के डाले पाइप, इस लिए नहीं पहुंच रहा पानी
रटौल गांव प्रधान के पति जाकिर हसन ने कहा कि कहा कि यह योजना उनसे पूर्व की है। पानी सप्लाई के लिए बिछाई गई लाइन पूरी तरह खराब है। जगह-जगह पाइप लीकेज हो रहे है। क्वालिटी वाले पाइप लगते तो गांव के हर कौने पर पानी पहुंचता है। अब 20-25 प्रतिशत ही पानी सप्लाई होता है। प्रशासन के आदेश पर तीन लाख रुपये भी खर्च कर दिए, लेकिन समस्या जस की तस है। दूसरी तरफ सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा पाइप पेयजल योजना के तहत बने ओवर हेड टैंकों को ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर किया हुआ। जिसकी देखरेख ग्राम ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है। जल्द ही जांच कराई जाएगी।
क्या कहते हैँ ग्रामीण
रटौल गांव निवासी इकबाल मलिक का कहना है लगभग पांच साल पहले टंकी कनेक्शन हुए थे। कुछ समय से सही पानी मिला, उसके बाद कभी पानी नहीं आया। लीकेज पाइपों के कारण समस्या पैदा हुई है।
नौशाद मलिक ने कहा काफी जगहों से पाइप लीकेज होने के कारण टंकी का पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जब पानी छोड़ा जाता है तो सड़कों पर पानी भर जाता है। टंकी का पानी बंद करना पड़ जाता है।
मांगेराम का कहना है कि गांव में कहीं-कहीं पानी आ रहा था, लेकिन अब तक सप्लाई ठप हो गई है। कभी एक बार सप्लाई हो गई तो कहीं दो बार। टंकी का लाभ न अमीर को मिला और न ही गरीब को।