भुगतान में देरी की तो मिल प्रबंधकों के खिलाफ होगी रिपोर्ट
मेरठ।
डीएम अनिल ढींगरा ने शुक्रवार को गन्ना भुगतान की समीक्षा बैठक की। इसमें चीनी मिलों के प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब यदि भुगतान में देरी की तो प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि 14 दिन के भीतर गन्ना भुगतान तय है तो इसी समय सीमा में किया जाए। शुक्रवार को बचत भवन में गन्ना विभाग के अधिकारियों और चीन मिल प्रबंधकों के साथ हुई बैठक में डीएम ने किनौनी, नगंलामल व मवाना चीनी मिल द्वारा भुगतान में विलंब पर कड़ी नाराजगी जताई। समीक्षा में पाया गया कि किनौनी मिल पर 330 करोड़, नंगलामल मिल पर 155 करोड़, मवाना मिल पर 240 करोड़, मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल पर 65 लाख, सकौती चीनी मिल पर 11 करोड़ 63 लाख व दौराला चीनी मिल पर 42 करोड़ गन्ना भुगतान लंबित है। उन्होंने सभी मिल प्रबंधकों से उक्त लंबित भुगतान को तय समय सीमा में भुगतान हेतु अपना-अपना शेडयूल शनिवार शाम तक उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देष दिए।
खेत में गन्ना होने तक बंद नहीं हाेंगी मिल
अनिल ढींगरा ने सभी मिल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि जब तक किसानों का गन्ना खेत में रहेगा, तब तक कोई चीनी मिल बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा मिल पाक्षिक ब्रेक डाउन आदि सूचना से पूर्व में सभी किसानों को अवगत करायें। इस दौरान दौराला चीनी मिल प्रबंधन ने बताया कि उनका पाक्षिक ब्रेेक डाउन शनिवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
किसान यूनियन ने की शिकायत
बैठक में किसान यूनियन पदाधिकारियों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ गन्ना पर्ची व भुगतान आदि की शिकायत की। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला सहित सभी गन्ना समितियों के सचिव और मिलों के प्रबंधन अधिकारी मौजूद रहे।
खास बातें:
जिलाधिकारी ने गन्ना भुगतान समीक्षा में मिल प्रबंधन के खिलाफ दिखाया सख्त रुख