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किसान के बेटे ने साधा कांस्य पर निशाना

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किसान के बेटे ने साधा कांस्य पर निशाना
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मेरठ। मवाना के भैंसा गांव निवासी रवि कुमार ने आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित कामनवेल्थ गेम्स में पुरुष वर्ग दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। किसान के बेटे का राष्ट्रमंडल खेलों तक पहुंचना मेरठ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गांव के लाल की इस कामयाबी पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए मिठाई बांटी। रवि कुमार ने 224.7 अंक पाकर कांस्य पदक जीतकर पाकर मेरठ ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन किया है।
रवि के पिता अजय कुमार ज्यादातर खेती के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। जिसके चलते चाचा डॉ. विजय कुमार ही रवि की शूटिंग के अभ्यास को लेकर सक्रिय भूमिका निभाते हैं। चाचा ने बताया कि रवि कुमार ने इंटरमीडिएट एएस इंटर कालेज मवाना में की। जबकि स्नातक दिल्ली के हंसराज कालेज से किया। रवि ने खेल कोटे से एयर फोर्स में जूनियर वारंट आफिसर के पद पर नौकरी पाई। फिलहाल वे गाजियाबाद के हिंडन में तैनात हैं। बागपत के जोहड़ी गांव निवासी ममेेरे भाई विवेक सिंह ओलंपिक शूटर रहे हैं।
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रवि कुमार ने ममेरे भाई को आदर्श मानते हुए शूटिंग की शुरूआत की थी। जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत रवि कुमार ने शूटिंग में नया मुकाम हासिल किया। उन्होंने साल 2014 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता। पिछले महीने मैक्सिको में आयोजित आईएसएसएफ विश्वकप में दस मीटर एयर राइफल में ब्रांज मेडल झटका था। जिसके बाद उन्होंने लगभग तय माने जा रहे कामनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर परिवार का सपना पूरा किया।
चाचा विजय कुमार ने बताया कि रवि का अगला पड़ाव ओलंपिक गेम्स में पदक हासिल करना है। अभी तक रवि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 40 से ज्यादा पदक हासिल कर चुके हैं। रविवार को भैंसा स्थित आवास पर माता इरा रानी, पिता अजय कुमार, दादी रामरोशनी देवी, चचेरे भाई करतार्थ, चाचा विजय कुमार और बुआ ने जीत का जश्न मनाया। गांव के लोगों का बधाई देने के लिए तांता लगा रहा।
दादा का सपना रवि कर रहे साकार
रवि के दादा ओमपाल सिंह प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक थे। पिछले साल ही दादा का स्वर्गवास हो गया। चाचा विजय कुमार ने बताया कि रवि ने शूटिंग की शुरूआत की तो आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। साल 2003 में रवि के सपने को पूरा करने के लिए दादा ने अपने फंड से डेढ़ लाख रुपये निकलवाए। जिसके बाद ममेरे भाई विवेक सिंह ने जर्मनी से एयर राइफल मंगवाकर दी। दादा का सपना था कि रवि एक दिन कामनवेल्थ गेम्स में पदक जीते। दादा के सपनों को ही रवि कुमार साकार करने निकले हैं। परिवार को विश्वास है कि रवि ओलंपिक गेम्स में भी गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ाएंगे।
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प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर दी बधाई
कामनवेल्थ गेम्स 2018 में शूटिंग में कांस्य पदक हासिल करने वाले रवि कुमार कोे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने लिखा, यंग शूटर ने खेलों में बड़ा योगदान दिया है। रवि के परिजनों ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है।


खास बातें:
दस मीटर एयर राइफल में किया शानदार प्रदर्शन
कामनवेल्थ गेम्स में मवाना मेरठ के रवि कुमार ने झटका पदक

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