दिन में निजीकरण का विरोध, शाम को फैसले का स्वागत
मेरठ। बिजली के निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत कर्मियों ने बृहस्पतिवार को ऊर्जा भवन पर सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। भाकियू नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन दिया। लेकिन देर शाम सरकार द्वारा निजीकरण के फैसले को वापस लेने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों ने खुशी जताई। वहीं संघर्ष समिति ने इसे कर्मचारी एकता की जीत बताया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार दोपहर तीन बजे सभी बिजली कर्मी ऊर्जा भवन पर एकत्र हुए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर भाकियू नेता और कार्यकर्ता भी यज्ञ में पहुंचे। युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत यजमान बने। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का फोटो लगाकर उनके बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। संघर्ष समिति नेताओं ने सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। देर शाम को समिति पदाधिकारियों और शासन के बीच बैठक हुई। इसमें निजीकरण का फैसला वापस ले लिया गया। इसकी सूचना मिलते ही कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस मौके पर इंजीनियर आईपी सिंह, एके सिंह, राजेश शर्मा, पीके सिंह, अनिल गर्ग, अजित सिंह, अरविंद बिंद, राजेश चौधरी, विशाल मित्तल, नीरज आर्य, अमन, मुकेश, विवेक, महावीर सिंह मौजूद रहे।