बायोमेट्रिक हाजिरी देने वाले सफाई कर्मियों को ही मिलेगा वेतन
मेरठ। महानगर की सफाई पर प्रतिमाह ढाई करोड़ खर्च होने के बाद भी सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने अब एक अप्रैल से निगम के चार वार्डों से सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लेने का निर्णय लिया है। नगरायुक्त ने संबंधित कंपनियों के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं ली जाती है तो वेतन जारी नहीं होगा।
सफाई व्यवस्था पर लुटाए जा रहे धन और खराब व्यवस्था का समाचार अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होते ही नगर निगम प्रशासन की नींद टूट गयी। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने राधा-कृष्णा सर्विस प्रोवाइडर और कार्तिकेय इंटरप्राइजेज के निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि महानगर के 90 वार्डों की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हें दी गयी है। जिसमें स्थायी करीब एक हजार सफाई कर्मियों के साथ 2215 आउटसोर्स कर्मी लगाए गए हैं। वार्डों में सफाई और सफाई कर्मियों की उपस्थिति को लेकर पार्षद और आम जनता सवालिया निशान लगा रही है।
अब बदलेगी हाजिरी व्यवस्था
नगरायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि आगामी एक अप्रैल से चार वार्ड और मई माह से निगम के समस्त वार्डों में तैनात सफाई कर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से ली जाए। जो सफाई कर्मी बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी नहीं देगा उसका वेतन निगम से जारी नहीं किया जाएगा। आउट सोर्स फर्म के सुपरवाइजर की सहायता के लिए सफाई नायक को लगाया जाएगा। सफाई नायक और सफाई खाद्य निरीक्षक द्वारा सफाई व्यवस्था का प्रबंधन एवं निरीक्षण पूर्व की भांति किया जाएगा। इन चार वार्डों की घोषणा एक-दो दिन में कर दी जाएगी।
खास बातें:
अब तक सफाई नायकों की हाजिरी रिपोर्ट पर मिलता है वेतन
एक अप्रैल से निगम के चार वार्डों में स्थायी और अस्थायी कर्मचारी आएंगे दायरे में
अमर उजाला की खबर के बाद जागा नगर निगम प्रशासन