फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सपर्ट अंडरग्राउंड, नए पुलिस वालों को दी कमान

विज्ञापन
विज्ञापन
जो करेगा काम उसी के हाथों में होगी कमान
विज्ञापन

गजेंद्र चौधरी
मेरठ।
क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, एसटीएफ और थानों में अनुभवी पुलिस अफसरों के होने के बाद भी जिले में अपराध नियंत्रण कर पाना पुलिस विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में एसएसपी ने क्राइम कंट्रोल के लिए नई रणनीति बनाई है। उन्होंने अनुभवी पुलिस वालों की जगह नए दरोगाओं और सिपाहियों पर भरोसा जताया है। एसएसपी का दावा है कि एक्सपर्ट पुलिस वाले मठाधीश हो चुके हैं। ओवर कांफिडेंस में वह काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ऐसे में जो काम करेगा उसी को मौका दिया जा रहा है। हालांकि नए दरोगाओं के लिए नई जिम्मेदारी चुनौती पूर्ण है, लेकिन एसएसपी उनका पूरा सहयोग कर रही हैं। वह कभी आवास पर बुलाकर तो कभी थानों में जाकर उनको बदमाशों से निपटने के गुर सिखा रही हैं।
दौर बदल गया, बदलाव जरूरी
एसएसपी के मुताबिक अब दौर बदल गया है। योगी सरकार में पुलिस बदमाशों से सीधा मुकाबला कर रही है। प्रदेश के साथ मेरठ जोन में भी मुठभेड़ में बदमाश मारे जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश अपराध मुक्त होना चाहिए। इसके लिए पुलिस में बदलाव बहुत जरूरी हैं। एक्सपर्ट्स का होना अच्छी बात है, लेकिन अपराधियों को सबक सिखाना भी पुलिस का दायित्व है।
विज्ञापन

करोगे काम तो मिलेगा इनाम
एसएसपी ने बताया कि मेरठ में तीन बदमाश एनकाउंटर में मारे गए हैं। इसमें मेरठ पुलिस ने 50 हजार का शताब्दीनगर में इनामी हसीन मोटा और सदर कैंट में मंसूर को एनकाउंटर में मारा है। कुख्यात मुकीम काला के भाई वसीम को मेरठ एसटीएफ ने मारा है। एनकाउंटर में नए दरोगाओं की भूमिका अहम रही है। अब जो काम करेगा, उसको ही रखा जाएगा।
इनको दिया गया चार्ज
अब क्राइम ब्रांच प्रभारी अरविंद कुमार को बनाया गया है। हालांकि उन्हें मेरठ की भौगोलिक और अपराधियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। सर्विलांस प्रभारी दरोगा सुनील कसाना को बनाया है। उन्होंने कभी सर्विलांस पर काम ही नहीं किया। इसके अलावा थानों में कई नए दरोगा को चार्ज दिया गया है। शायद यहीं वजह है कि अपराध की घटना होते ही पुलिस वाले हांफने लगते हैं।
विशेषज्ञों को भेजा लाइन में
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट या फिर अपराधियों पर बेहतर पकड़ रखने वाले इंस्पेक्टर राजेश वर्मा, इंस्पेक्टर अजय अग्रवाल, सीओ विजय प्रकाश, इंस्पेक्टर विजय कुमार, दरोगा जयवीर सिंह समेत 20 से अधिक पुलिसवाले अब फील्ड में नहीं हैं। उनको एसएसपी ने लाइन में भेज दिया है। इन सभी पुलिस वालों की पोस्टिंग क्राइम ब्रांच, सर्विलांस या फिर विशेषज्ञों की टीम में थी।
इन्हें दी जा रही ट्रेनिंग
अपराधियों पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच और सर्विलांस पर ज्यादा होती है। दोनों ही विभाग के प्रभारी अभी नए हैं। इसको देखते हुए एसएसपी दोनों प्रभारियों को कभी अपने आवास तो कभी क्राइम ब्रांच शाखा में पहुंचकर अपराधियों पर कार्रवाई के गुर सिखा रही हैं। दोनों विभाग में सिपाही भी नए हैं। उनको क्राइम पर कंट्रोल करने के बारे में बताया जा रहा है।
विज्ञापन

वर्जन======
इन एक्सपर्ट पुलिस वालों को मौका दिया था, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं मिला। दावे बडे़-बडे़ करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ काम नजर नहीं आता। अपराध की घटना होने के बाद नए दरोगा को मौका दिया है। उनका प्रशिक्षण चल रहा है, जल्द काम भी सामने आएगा।
मंजिल सैनी दहल, एसएसपी

खास बातें
- क्राइम ब्रांच, सार्विलांस और साइबर सेल का चार्ज नए दरोगाओं को
- नए जिम्मेदारों को अपराध पर नियंत्रण पाने की ट्रेनिंग दे रहीं एसएसपी
- करीब डेढ़ दर्जन मठाधीश पुलिस वालों को भेजा पुलिस लाइन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें