मेरठ। नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में बगावत और भीतरघात के साथ ही नेतृत्व क्षमता में फेल होने की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। मतगणना के बाद अब एक माह के भीतर ही भाजपा में संगठन स्तर पर बदलाव की बात तेजी से हो रही है। इसमें सबसे पहले क्षेत्रीय कमेटी पर जोर होगा, इसके बाद महानगर और जिला इकाइयों में भी बदलाव होंगे। हालांकि महानगर और जिला इकाईयों के कार्यकाल पूरा होने में अभी एक साल से ज्यादा का समय है। लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण इस बदलाव की बात कही जा रही है।
भाजपा की क्षेत्रीय कमेटी में इस समय जहां संगठन महामंत्री का पद रिक्त चल रहा है, तो अध्यक्ष पद पर भी चौ. भूपेंद्र सिंह जो कि एमएलसी मनोनीत होने के बाद पंचायत राज मंत्री बन चुके हैं, कार्यवाहक रूप से अध्यक्ष हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद पर सबसे पहला बदलाव होना तय माना जा रहा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में गुर्जर और जाट बिरादरी से आना तय माना जा रहा है। इसमें गुर्जर बिरादरी से मेरठ के जितेंद्र वर्मा उर्फ गुड्डू के साथ ही नवाब सिंह नागर का नाम चर्चा में है, जबकि जाट बिरादरी से प्रदेश मंत्री देवेंद्र चौधरी के नाम पर चर्चा है। हालांकि एक नाम क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री अरुण वशिष्ठ का भी क्षेत्रीय अध्यक्ष के लिए चर्चा में है।
वहीं, दूसरी तरफ मेरठ में निकाय चुनाव के दौरान हुई उठापटक और तमाम आरोपों के बीच जिला और महानगर इकाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव जिला इकाई में होने की चर्चा है। क्योंकि जिला इकाई के कई पदाधिकारियों पर पिछले एक साल से लगातार भीतरघात के साथ ही अनुशासनहीनता की रिपोर्ट क्षेत्रीय और प्रदेश मुख्यालय को जा रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले ही संगठन को मजबूत करने की दिशा में बदलाव तय माना जा रहा है।
खास बात:
- क्षेत्रीय कमेटी से लेकर महानगर और जिले तक बदलाव माना जा रहा तय
- महानगर और जिला कमेटी का अभी एक साल से ज्यादा का बचा है कार्यकाल