अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर डेंगू और चिकनगुुनिया की जांच के लिए सेंटिनल लैब (प्रयोगशालाएं) बनाई जाएंगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि रोगों की तुरंत पहचान कर इलाज किया जा सके।
पिछले साल मेरठ में ही चिकनगुनिया के 1105 मरीज मिले थे। इस बार शासन डेंगू और चिकनगुनिया पर काबू पाने के लिए पहले सी तैयारी में जुट गया है। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके तहत मेरठ समेत प्रदेशभर में सीएचसी पर भी डेंगूू-चिकनगुनिया की जांच के लिए प्रयोगशालाएं बनाने की तैयारी है। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि शासन ने सीएचसी पर भी सेंटिनल लैब बनाने की कवायद शुरू कर दी है। मेरठ में 12 सीएचसी पर जांच के लिए मशीन और किट उपलब्ध कराई जाएगी। जल्द ही जिला अस्पताल में भी डेंगू और चिकनगुनिया की जांच शुरू हो जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग समेत जिले के 19 विभागों को अपने यहां ऐसी व्यवस्था करने के लिए कहा गया कि जिससे मच्छर न पनप सकें।
एडीज मच्छर से फैलता है डेंगू-चिकनगुनिया
डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी देने वाला एडीज मच्छर है। एडीज एजिप्ट प्रजाति के मच्छर ही डेंगू और चिकनगुनिया का कारण बनते हैं। ये मच्छर सुबह और शाम के वक्त काटते हैं।
खास बातें
- मेरठ में हैं 12 सीएचसी, रोगों की तुरंत होगी पहचान
- पिछले साल चिकनगुनिया के थे 1105 मरीज