मेरठ। रियल एस्टेट में करीब 10 करोड़ रुपये बकाया होने पर जिला प्रशासन ने 12 बिल्डरों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। इनकी संपत्ति पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है। इसके चलते बिल्डरों में खलबली मच गई है। एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी ने बिल्डरों से कहा कि जिन-जिन लोगों का बकाया है, उनका बकाया भुगतान कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की वर्चुअल बैठक हुई। इसमें प्रदेश के सभी जनपदों से जमीन, प्लाॅट, मकान, कॉमर्शियल बिल्डिंग खरीदने वालों के साथ चल रहे विवादों की सुनवाई हुई। जनपद में बिल्डरों की अलग-अलग फर्म पर करीब दस करोड़ रुपये बकाया है। चेतावनी के बाद भी इन 12 बिल्डरों ने कदम नहीं उठाया, जबकि 50 से अधिक प्रकरण आपसी सहमति के आधार पर निपटाए जा चुके हैं।
एडीएम वित्त के अनुसार बिल्डरों की फर्म के नाम आरसी जारी कर दी गई और उनकी संपत्ति पर सील लगाने का नोटिस भेज दिया गया है। वहीं, रेरा की बैठक से पहले बिल्डरों ने एडीएम वित्त से मुलाकात की। इसमें तीन बिल्डरों ने 15 दिन का समय मांगा है। बाकी पर कार्रवाई की तैयारी प्रशासन ने कर ली है। एडीएम वित्त ने बताया कि सनसाइन इन्फ्राहाइट पर 2.98 करोड़, अंसल लैंडमार्क टाउनशिप पर 1.27 करोड़, अग्रवाल प्रॉपर्टीज एंड डेवलपर्स पर 1.78 करोड़, मेरठ वन रेजीडेंस पर 1.95 करोड़ रुपये सहित अन्य बिल्डर्स पर बकाया है।