सुविधाएं मुहैया कराने में फेल टोल प्लाजा प्रबंधन एक बार फिर मुसाफिरों की जेब ढीली करने की तैयारी में है। वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा और एनएचएआई ने एक जुलाई से टोल टैक्स बढ़ाने के लिये कमर कस ली है। यह बढ़ोतरी पांच रुपये तक होने की संभावना है। वहीं, लोकल टैक्स भी बढ़ाने की तैयारी है।
एनएच-58 स्थित वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा प्रबंधन ने सिवाया टोल से एक जुलाई से टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा है। इसके मुताबिक, कार-जीप पर पांच रुपये तक टैक्स की बढ़ोतरी हो सकती है। बस, ट्रक और मल्टी एक्सल वाहन पर भी इतनी ही बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है। एनएचएआई और टोल कंपनी ने इस बार लोकल टैक्स बढ़ाने की भी तैयारी कर ली है। वर्तमान में लोकल टैक्स 15 रुपये है। ऐसे में बढ़ोत्तरी के विरोध में यहां धरना-प्रदर्शन भी हो सकते हैं। इसकी एक वजह यह भी कि कंपनी टैक्स तो बढ़ा रही है, लेकिन हाईवे पर अभी भी सुविधाओं का टोटा है। कंपनी और एनएचएआई का इस और कोई ध्यान नहीं है। हालांकि पिछले वर्ष कंपनी ने टैक्स बढ़ाए नहीं थे।
टोल पर ये सुविधाएं जरूरी
- शुलभ शौचालय
- यात्रियों के लिए कैंटीन
- दवा की व्यवस्था
- दुपहिया वाहनों के लिए अलग लेन
- एंबुलेंस का इंतजाम
- स्वच्छ पेयजल
- अलग वीआईपी लेन
यह था कंपनी का वादा
टोल प्लाजा की शुरुआत 26 अप्रैल 2011 को हुई थी। टोल शुरू करने से पहले वेस्टर्न यूपी टोल कंपनी और एनएचएआई ने वादा किया था कि कंपनी परतापुर बाईपास से लेकर मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे तक काम होने पर ही टैक्स वसूलेगी। एनएचएआई का नियम भी यही कहता है। इसके बावजूद बिना वादे पूरे किए गए ही टोल वसूला जा रहा है। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं किया गया है।
मनमर्जी बढ़ा रहे टैक्स
टोल प्लाजा पर टैक्स बढ़ाने का कोई नियम नहीं है। कंपनी एक साल में तीन बार तक टैक्स बढ़ा देती है। वर्ष-2012 में कंपनी ने एक साल में तीन बार टैक्स बढ़ाया था, जबकि कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि गजट के अनुसार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए टोल बढ़ाया था।
इस अनुपात में टैक्स बढ़ाने की तैयारी
वाहन अब संभावित दरें
कार/जीप/वैन 75 80
कामर्शियल मिनी बस, छोटा हाथी 135 140
बस/ ट्रक 275 280
मल्टी एक्सल वाहन 10 टायरा ट्रक 445 450
लोकल वाहन 15 20