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तकनीकी गड़बड़ी से एक्सरे मशीन बंद

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मधुबन/फतेहपुर मंडाव। फतेहपुर मंडाव सीएचसी पर तीन साल पूर्व आई एक्सरे मशीन धूल खा रही है। यहां मशीन तकनीकी खराबी से बंद पड़ी है। अस्पताल प्रशासन ने इसे अभी तक बनवाना मुनासिब नहीं समझा है। ऐसे में गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। फतहपुर स्थित पीएचसी को 11 साल पहले उच्चीकृत कर सीएचसी का दर्जा दिया गया था। 78 ग्राम पंचायत के मरीजों के अलावा बलिया जिले के सीमावर्ती होने के चलते उस जिले के भी मरीज यहां उपचार कराने आते है। लेकिन यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ जांच सुविधाओं का अभाव है। सबसे ज्यादा परेशानी सड़क हादसे या हड्डी रोग से संबंधित मरीजों को होती है। उसका कारण है यहां एक्सरे जांच न होना। ऐसा नहीं है अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं है। करीब तीन साल पूर्व आई एक्सरे मशीन आज तक शुरू नहीं हो सकी। हालात यह है कि सड़क हादसे में गंभीर मरीजों को उपचार के बाद उन्हें या तो जांच निजी लैब में कराना पड़ रहा है या 30 किमी दूर जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला, जहां फतेहपुर के पास सड़क हादसे में घायल मऊ नगर के दशई पोखरा निवासी दुर्गेश 26 तथा बलिया जिले के जमुई बखरा निवासी राजेंद्र उपचार के बाद एकसरे की जांच कराने के लिए परेशान दिखे। क्षेत्र के राजेश मल्ल, विनोद कुमार मल्ल, शिव शरण मल्ल, मनोज कुमार, शिवेंद्र सिंह का कहना है कि छोटी बड़ी बीमारी, मेडिकल जांच या किसी भी दुर्घटना के समय सीधे जिला अस्पताल जाना पड़ता है। अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार पांडे ने बताया कि एक्सरे मशीन ठीक हो चुकी है। फिल्म आते ही एक्स रे प्रारंभ कर दिया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन वर्ष बाद भी एक्स-रे मशीन नहीं लगाए जाने का मामला विधान परिषद में भी उठ चुका है।पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाह ने अपने कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे को विधान परिषद में उठा चुकी है। जहां विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाते हुए एक्स-रे मशीन नहीं लगाए जानें के बारे में स्वास्थ्य मंत्री से प्रश्न किया था।
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