मऊ/ मधुबन। फतेहपुर मंडाव सीएचसी में तीन वर्षो से आई डिजीटल मशीन खराब है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। हालांकि मुद्दा पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाह अपने कार्यकाल में विधान परिषद में उठा चुकी हैं, बावजूद इसके कोई सकारात्मक परिणाम अभी तक सामने नहीं आया है। मधुबन तहसील के फतेहपुर मंडाव ब्लॉक मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर फतेहपुर पीएचसी को 11 साल पहले उच्चीकृत कर सीएचसी का दर्जा दिया गया था। यहां प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन यहां पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी आदि की सुविधा नहीं है। जबकि इस अस्पताल में तीन वर्ष पूर्व ही लाखों रुपये की लागत से डिजिटल एक्सरे मशीन आई थी, बावजूद इस मशीन को अब तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा शुरू नहीं कराया जा सका है। ऐसे में सड़क हादसे में घायल या दूसरे मरीजों को उपचार तो मिल जाता है, लेकिन जांच कराने बाहर जाना पड़ता है। कई बार स्थानीय लोगों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इस समस्या को पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाह विधान परिषद में उठा चुकी हैं। लेकिन उसके बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। क्षेत्र के राजेश मल्ल, विनोद कुमार मल्ल, शिव शरण मल्ल, मनोज कुमार, शिवेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की लाचारी के चलते मरीजों को परेशानी हो रही है।
ीव पांडेय, केंद्र अधीक्षक फतेहपुर मंडाव सीएचसी