मऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव एवं राष्ट्र निर्माण संगोष्ठी का कार्यक्रम पुरानी तहसील स्थित एक प्लाजा परिसर में हुआ। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आने वाले समय में बच्चों के अंदर सांस्कृतिक, सामाजिक एवं राष्ट्रप्रेम की भावना का विकास किस प्रकार हो इस पर चिंतन किया गया। वक्ताओं ने हर व्यक्ति के अंदर राष्ट्र के प्रति दायित्व का बोध कराने की जरूरत पर बल दिया।अपने संबोधन में ओमपाल ने कहा कि सिर्फ स्वयं के विकास से राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता। इसके लिए हर व्यक्ति के अंदर आत्मीयता के साथ उसका राष्ट्र के प्रति दायित्व का कर्तव्य बोध कराना होगा। जिला प्रचारक राजीव नयन ने कहा कि देश में तरुणों के अंदर कई प्रकार की तकनीकी जन्मजात होती है, तकनीकीओं का विकास माता-पिता और गुरु ही कर सकता है। इसका उदाहरण राम, कृष्ण, ध्रुव, प्रहलाद, शिवाजी और महाराणा प्रताप से लिया जा सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षीय भाषण में जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि अमृत महोत्सव के माध्यम से राष्ट्र निर्माता एवं राष्ट्रभक्त का निर्माण, बलिदानीयों की श्रृंखला यात्रा एवं गोष्ठियों के माध्यम से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कर रहा है जो अतुलनीय प्रयास है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष रूपेश कुमार पांडेय आभार जताया। कार्यक्रम में अरविंद आर्य, गिरीश चंद्र कुशवाहा, चंद्रापीड मिश्र, राजेश गुप्त, कल्पनाथ चौरसिया, भूपेंद्र दीक्षित, शिव प्रसाद आर्य, संजय सिंह, अशोक मिश्र, अरुण मौर्य, ज्ञान प्रकाश मिश्र, आनंद सिंह डब्बू, आलोक पांडे, डॉ राजीव मिश्र, आशुतोष दुबे, नीरज राय एवं राजेश सिंह मौजूद रहे।