ज्ञानपुर। जिले के इकलौते बर्न यूनिट में दो साल बाद भी स्थायी सर्जन की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके लिए 3 बार चिट्ठी लिखने का भी कोई नतीजा नहीं निकला। 2022 से चल रहे बर्न यूनिट अब भी नर्सों के भरोसे है। जलने और झुलसने के केस आने पर डॉक्टर ऑनकॉल रहकर ड्यूटी करते हैं। स्थायी सर्जन की तैनाती को लेकर सीएमओ और सीएमएस की ओर से तीन बार पत्राचार किया जा चुका है।
सरपतहां स्थित 100 बेड हॉस्पिटल परिसर में बर्न यूनिट तो एक दशक पहले ही बन गया था। संचालन न होने के कारण यह शोपीस बन कर रह गया था। साल 2022 में जिले के दौरे पर आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बर्न यूनिट के संचालन का निर्देश दिया। इसके बाद उपकरण के अभाव में जैसे-तैसे कर यूनिट चालू कर दी गई, लेकिन अब तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। संचालन के दो साल बाद भी यहां स्थायी स्वास्थ्यकर्मी, डॉक्टर या सर्जन की तैनात नहीं हो सकी है। बर्न यूनिट न होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल से सीधे बनारस रेफर कर दिया जाता है।
इनसेट:
मौके पर नदारद, कागज पर नर्स की तैनाती
बर्न यूनिट पर रोस्टर वाइज चार नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन ये नर्स मन मुताबिक ड्यूटी करती हैं। अस्पताल कर्मचारियों की सांठगांठ से निरंतर ड्यूटी से गायब रहती हैं। हालांकि अस्पताल में उनके कागज दुरुस्त रहते हैं। मजे की बात है कि सबकुछ जानकर भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी अनजान बने बैठे हुए हैं।
वर्जन:
बर्न यूनिट पर डॉक्टरों की ड्यूटी सीएमओ के नेतृत्व में ऑनकाल लगाई गई है। स्थायी नियुक्ति शासन स्तर से नहीं की गई है। इसके लिए शासन को पत्राचार किया जा चुका है।
-डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस, 100 बेड हॉस्पिटल।