डुमरी मर्यादपुर में श्रीकांत सिंह की स्मृति में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शनिवार को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। मऊ, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, आजमगढ़ समेत कई जिलों एवं हरियाणा के पहलवानों ने जोर आजमाया।
प्रद्युम्न बलिया और अमलेश भलया में कड़ा मुकाबला देखने को मिला,हालांकि इस कुश्ती का परिणाम नहीं निकला। कांग्रेेेस के कद्दावर नेता कल्पनाथ राय के निकट सहयोगी रहे श्रीकांत सिंह के निधन के बाद उनकी स्मृति में यह प्रतियोगिता प्रति वर्ष आयोजित की जाती है।
पांच हजार से लेकर बीस हजार तक की इनामी कुश्तियां लड़ीं गईं। बलिया के प्रद्युम्न और अमलेश भलया मऊ के पहलवानों के बीच लड़ा गया मुकाबला हालांकि बराबरी पर छूटा लेकिन मुकाबले में एक दूसरे के बीच अच्छी कुश्ती के दांव देखने को मिले। इसी तरह अजगरा के गोविंद ने सूरत के भेलऊर चंगेरी को पटकनी दी।
सरवा के राहुल ने रामपुर टड़वा के राजा को चित्त कर इनाम जीता। खजनी के संदीप ने रामपुर के राहुल को पटकनी दी। अजगरा के धर्मेंद्र ने परसिया के कुंज बिहारी को धूल चटाया। बलिया के समरजीत ने
अजगरा के मुलायम को पटखनी दी। इसके अलावा परवीन, अजय, विनोद, राहुल, दिनेश, शैलेंद्र, जनार्दन शैलेश आदि के बीच कुश्तियां लड़ी गईं। सुखराम सिंह पीजी कालेज सरवां के प्रबंधक डा.अमित कुमार सिंह ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्र कुँवर सिंह ने कहा कि कुश्ती से शरीर को हृष्ट पुष्ट रखा जा सकता है। इस अवसर पर प्रमोद रंजन सिंह, ओबैदुल्लाह, अशोक सिंह, हेमन्त परवीन सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।