जिले में मंगलवार को कायस्थ समाज के लोगों ने अपने ईष्ठ देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा हर्षोल्लास से साथ की। इस दौरान समाज के लोगों ने कलम-दवात की पूजा कर भगवान चित्रगुप्त को नमन किया। मंगलवार को समाज के लोगों ने लेखन कार्य को बंद रखा और हवन-पूजन किया।
नगर के सहादतपुरा नई चित्रगुप्त मंदिर में भगवान चित्रगुप्त का पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न रंगों के झालर व फूल मालाओं से सजाए गए मंदिर में समाज के लोगों ने हवन-पूजन के साथ ही चित्रगुप्त कथा का श्रवण किया। मंदिर में दूरदराज के क्षेत्रों से जुटे समाज के लोगों ने कुल देवता के प्रति आस्था व्यक्त की। मंगलवार को जिले में कायस्थ समाज के लोगों ने कलम-दवात की पूजा करके चित्रगुप्त जंयती मनाई।
नगर क्षेत्र के सहादतपुरा नई बस्ती स्थित चित्रगुप्त मंदिर पर कायस्थ समाज के लोग जुटे। यहां पर विधि विधान से पूजन-अर्चन हुआ। जिसके बाद भगवान चित्रगुप्त की आरती और स्तुति पढ़ी गई। मंदिर परिसर में हवन पूजन का भी कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान समाज के वरिष्ठ रविन्द्र लाल श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त के एक हाथ में कलम तो दूसरी में तलवार है।
शक्ति के बगैर कलम की ताकत अधूरी है। उन्होंने कायस्थ समाज के लोगों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को दरकिनार कर एकजुट होकर समाज को नई ऊंचाइयां प्रदान करें। इसके बाद पुनीत श्रीवास्तव ने भी समाज के लोगों को अधिक से अधिक अपने समाज की लोगों की मदद करने की बात कही।
इस दौरान अनिल श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, विनोद लाल, नरेंद्र श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, बसंत लाल, राजेश श्रीवास्तव, चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन, संतोष, अखिलेश आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में रतनपुरा संवाददाता के अनुसार रतनपुरा, इटैली, खालिसपुर और बड़ागांव के लोगों ने रतनपुरा बाजार स्थित चित्रगुप्त मंदिर में पूजन अर्चन किया।