मऊ। जिले में अप्रैल में पहला मामला आने के बाद हर माह कोरोना ग्राफ में लगातार वृृद्धि हो रही हैं। हालात यह है कि अप्रैल-मई माह में जहां जिले में 28 मरीज थे। वहीं बीते 35दिनों में 139 मामले आ चुके हैं। इस तरह से वर्तमान में जिले में एक्टिव 81 मरीजों में से 65 मरीज अकेले मऊ शहर के हैं। लगतार बढ़ रहे कोरोना ग्राफ के पीछे लोगों की लापरवाही के साथ जागरूकता का अभाव एक अहम कारण माना जा सकता है। यही नहीं कोरोना संक्रमण बढ़ने के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी भी कारणों में शामिल है। क्योंकि किसी भी हॉटस्पॉट पर कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं है।
जिले में कोरोना का पहला मरीज बीते 19 अप्रैल को मिला था। संक्रमित युवक सहारनपुर स्थित देवबंद से लौटा था। जिस पर उसके मुहल्ला दोस्तपुरा सहित डेढ़ किमी दायरे को सील कर काफी सख्ती बरती गई। नतीजा युवक के परिजन सहित 76 से ज्यादा संदिग्धों लोगों के लिए गए सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसी तरह से मई माह में लौटे 27 प्रवासियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सख्ती बरती गई। लेकिन इसके बाद सख्ती बरतने में जहां जिम्मेदारों ने उदासीनता बरती, वहीं मार्च माह में कोरोना से बचाव को लेकर जितनी जागरूकता लोगों ने दिखाई वो 167 मामले के बाद भी जागरूकता नहीं दिख रही है।
जबकि जून माह में 106 तो इस माह के शुरूआत के पांच दिन में 33 मामले आ चुके हैं। लेकिन बढ़ते मामले के साथ लोगों की जागरूकता भी गायब होती दिख रही हैं। हालात यह है कि कोरोना संक्रमित क्षेत्र में बैरीकेडिंग को तोड़कर लोगों की आवाजाही बनी हुई हैं। वहीं जिम्मेदारों को नियमानुसार हॉटस्पॉट क्षेत्र में सुरक्षाकर्मी तैनात करे। जिससे कोई अगर संक्रमित क्षेत्र में अंदर जाना चाहे या बाहर जाना चाहे तो कोविड-19 एक्ट तथा महामारी एक्ट पर कारवाई की जाए। लेकिन कुछ हॉटस्पॉट छोड़ दिया जाए तो कई हॉटस्पॉट रामभरोसे है।
250 मीटर क्षेत्र का बनाया जा रहा है हॉटस्पॉट
मऊ। जिले में नई गाइडलाइन के तहत अगर कोई क्षेत्र में व्यक्ति पॉजीटिव मिलने पर 250 मीटर दायरे को हॉटस्पॉट बनाया जा रहा है। वहीं एक से ज्यादा मरीज मिलने पर 500 मीटर का क्षेत्र हॉटस्पॉट में शामिल किया जा रहा है।जबकि पहले पॉजीटिव मिलने पर एक किमी का दायरा हॉटस्पॉट बनाया जाता था। उधर नगरीय क्षेत्र के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की सफाई निकायों के जिम्मे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह ग्राम पंचायत के जिम्मेदारी है।
कांट्रेक्ट्र ट्रेसिंग के बढ़ रहे मामलों ने बढ़ाई मुसीबत
मऊ। नगर में 65 एक्टिव केस में अधिकांश केस कांट्रेक्ट्र ट्रेसिंग में आने के चलते हुई है। इसका उदाहरण कासिमपुर पोखरी में एक व्यक्ति के पॉजीटिव मिलने के बाद उसके संपर्क में रहने वाले नौ अन्य व्यक्ति पॉजीटिव मिले। वहीं मुंशीपुरा में पांच लोग हाल में कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में आने से संक्रमित हुए है। यह सभी एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।