मऊ। देर रात लखनऊ से जारी आदेश में जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी का स्थानांतरण होने तथा उनके स्थान पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश पांडेय को बतौर जिलाधिकारी तैनात किया गया। इस दौरान शनिवार को बातचीत करने के दौरान ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अपने उन्नीस माह के कार्यकाल में उन्होंने जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य पर काम किया। इसका परिणाम भी सामने है, लेकिन मलाल रहा कि वो जिले में मौजूद संगठित भू माफियाओं के मकड़जाल को पूरी तरह से ध्वस्त नही कर सकें।
ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के स्थान पर बतौर जिलाधिकारी भेजे गए राजेश पांडेय मूलरुप से सुल्तानपुर जिले के निवासी है। वो मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहें। स्थानांतरण की सूची जारी होने पर बातचीत करने पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि 17 फरवरी 2019 को उन्होंने जिले का पदभार ग्रहण किया था। इस दौरान यूपी बोर्ड की परीक्षा चल रही थी। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने नकल माफियाओं पर शिकंजा कसा।
इस दौरान पिपरीडीह में कापी लिखने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। बोले इसके बाद वो लगातार जिले की जनता के स्वास्थ्य और शिक्षा केे बेहतर बनाने के लिए काम किए। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने का काम किया गया। इसमें सफलता भी मिली, जिस काढे का जिक्र वो शुुरु से करते आ रहें थे। बोले शांतिपूर्ण तरीके से लोक सभा चुनाव संपन्न कराने के बाद वो विधान सभा उपचुनाव भी कराए। सितंबर 2019 से वो भूमाफियाओं पर शिकंजा कसना शुरु किए। इसका परिणाम रहा कि आज भूमाफियाओं के विरुद्घ 35 रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें चार सौ से अधिक वो लोग नामजद किए गए है, जिन्होंने गलत तरीके से जमीन खरीदने या काबिज रहें। स्थानांतरण के पीछे भूमाफियाओं का हाथ होने की बात को ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने मौन सहमति दी।