दोहरीघाट। पूर्वोत्तर रेलवे की बहु प्रतीक्षित परियोजना के प्रथम चरण में गोरखपुर के सहजनवां सेे बांसगांव तहसील तक 32.95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था ने शुरू कर दिया है।
नई रेल लाइन तीन चरणों में पूरा होगी। लाइन पर ट्रेनें 12 स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इसमें चार हाल्ट स्टेशन होंगे और सात क्रॉसिंग स्टेशन भी बनेंगे। परियोजना के पूरा होने से जहां हजारों लोगों को रोजी-रोटी का साधन उपलब्ध होगा वहीं क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा।
81.17 किमी लाइन का काम तीन चरणों में पूरा होगा। इसके लिए रेलवे ने जमीन अधिग्रहण कर लिया है। प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2027 तक रेलवे लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाना है।
वहीं दूसरे चरण के लिए बांसगांव से बड़हलगंज के बीच 185.78 हेक्टेयर भूमि का प्रकाशन हो चुका है। तीसरे चरण के लिए बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट के बीच 12.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।
इस रूट पर रेलवे के प्रस्ताव के मुताबिक रेल लाइन बनने से वाराणसी जाने के लिए गोरखपुर और लखनऊ की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। रेलवे द्वारा परियोजना का काम शुरू हो जाने से लोगों में क्षेत्र के विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
इस संबंध में दोहरीघाट चेयरमैन विनय कुमार, कस्बे के रेलवे सलाकार समिति के सदस्य संतोष राय, व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल, पूर्व चेयरमैन गुलाब गुप्ता, अशोक साहू का कहना था कि पूर्वोत्तर रेलवे की इस परियोजना के पूरा होने से गोरखपुर और वाराणसी की दूरी कम हो जाएगी और आवागमन सुगम हो जाएगा।
पूर्वांचल का एक बड़ा क्षेत्र रेलवे की सेवा से जुड़ जाएगा। साथ ही क्षेत्र में व्यापार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।