महिलाओं के धरने के दौरान मृतक रामअवतार सिंह की पत्नी अनिता सिंह भी मौके पर पहुंचीं। पति की मौत के सदमे में वह बार-बार अचेत होती रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के चार दिन बीतने के बाद भी हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की।
बोझी चौकी प्रभारी हरेंद्र कुशवाहा ने महिलाओं से शिकायती पत्र लेकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर धरने पर बैठी रहीं। बाद में आबकारी निरीक्षक मुहम्मद अदनान और स्थानीय पुलिस ने भी कई बार महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अमरनाथ को महिलाओं ने शराब की दुकान हटाने समेत अन्य मांगों को लेकर शिकायती पत्र सौंपा। अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया।
नायब तहसीलदार अमरनाथ ने बताया कि महिलाओं की ओर से शिकायती पत्र मिला है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चार दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर आरोपी
रामअवतार सिंह की मौत के मामले में घटना के चार दिन बीतने के बावजूद नामजद आरोपी पवन यादव और चियार यादव पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में हिलाहवाली कर रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की निगाहें अब आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।