दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र के गोठा स्थित 132 विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध दर्जनों गांवों मेें चौथे दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली गुल रहने से गोठा स्थित ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति बाधित रहने से लोग पानी के लिए बिलबिलाते रहे। गोठा गांव की दर्जनों नाराज महिलाओं ने हाथ में बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गोठा स्थित ओवरहेड टैंक से दर्जनों गांवों को जलापूर्ति की जाती है।
बिजली गुल रहने के चलते लगातार चार दिनों से जलापूर्ति ठप है। ऐसे में पानी के लिए मारामारी मची हुई है। बावजूद बिजली विभाग की ओर से की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। पुरवों में मांग के अनुरूप हैंडपंप तक नहीं हैं। ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति ही एक मात्र पेयजल का साधन है। जलापूर्ति बाधित रहने से सुबह शाम पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। हैंडपंपों से नाम मात्र पानी निकल रहा है।
विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने पर अधिकारी सिर्फ आज कल कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में संध्या देवी, मेवाती, उर्मिला, मोनाकी, साधना, गुजराती देवी, शीला आदि शामिल थे। इस संबंध में पूर्व प्रधान विजेंद्र राय का कहना है कि गोठा विद्युत उपकेंद्र में तकनीकी खामी आने पर पांडेयपार विद्युत उपकेंद्र से जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जा रही थी।
लेकिन अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते चार दिन से शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। इसी क्रम में शिवकुमार गुप्ता का कहना है कि लगातार चार दिनों से प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। ओमकार मोदनवाल का कहना था कि विद्युत उपकेंद्र गोठा में आए दिन तकनीकी खामी आने से जलापूर्ति बाधित होना आम बात हो गई है। मोहन नाई का कहना था कि प्रदूषित पानी का सेवन करने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्युत आपूर्ति बहाल कर समस्या का समाधान कराया जाए अन्यथा हम लोग धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे।