मऊ। तेईस वर्ष पूर्व दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत अनुसूचित जाति-जनजाति की महिला के साथ साजिश कर दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट हर्ष कुमार अग्रवाल ने षड्यंत्र के मामले में आरोपी महिला गोधनी गांव निवासिनी शिवमुनिया को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे सात वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अभियोजन के अनुसार वादिनी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गोधनी निवासी सुगिन्दर राय, बबलू उर्फ विपिन कुमार, रामकिशुन तथा शिवमुनिया को आरोपी बनाया गया। वादिनी के अनुसार आरोपीगण उसकी पुत्री के साथ मारपीट की और साजिश कर उसके साथ दुराचार किया तथा जान मारने की धमकी दिया। मामले में अभियोजन की तरफ से सतेंद्र नाथ राय और अखिलेश कुमार सिंह ने पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराकर अभियोजन कथानक को संदेह से परे साबित कराया। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी शिवमुनिया को दुष्कर्म की साजिश करने के मामले में सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5000 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्णय सुनाया। वहीं जान मारने की धमकी देने के मामले में उसे पांच वर्ष का कारावास तथा मारपीट कर साधारण चोट पहुंचाने के आरोप में एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं आरोपी सुगिन्दर राय तथा राम किशुन की मृत्यु होने के चलते उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। बबलू उर्फ विपिन कुमार नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई।