उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में जनसभा के दाैरान केंद्रीय गृहमंत्री ने सपा अध्यक्ष के खिलाफ भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि यूपी में अब बाहुबली नहीं, बजरंगबली दिखते है। इस बयान पर अदालत में परिवाद दाखिल किया है।
Mau News: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपी, एमएलए डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध दाखिल परिवाद में गवाह युगल किशोर शर्मा का बयान दर्ज किया। साथ ही बाकी गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 30 अगस्त की तिथि तय की है।
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नवल किशोर शर्मा ने विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट की अदालत में परिवाद दाखिल किया है। इसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह को आरोपी बनाया है। आरोप है कि अमित शाह ने दो फरवरी 2022 को बदायूं के सहसवान में जनसभा के दौरान कहा था कि सपा अध्यक्ष के साथ आजम खान, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफिया बाहुबली दिखते थे।
जबसे प्रदेश में योगी सरकार आई, तो बाहुबली नहीं, बजरंगबली दिखते हैं। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/ एमएलए ने प्रार्थना पत्र को 18 फरवरी 22 को मामला क्षेत्राधिकार से बाहर होने के चलते खारिज कर दिया था।
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वादी की ओर से निगरानी दाखिल की गई थी, सुनवाई के बाद विशेष जज ने निगरानी स्वीकार कर ली थी। पत्रावली निस्तारण के लिए सीजेएम/ विशेष मजिस्ट्रेट एमपी, एमएलए के न्यायालय में भेज दी थी। सत्र जज के आदेश के बाद बुधवार को सीजेएम ने गवाह युगल किशोर शर्मा का बयान धारा 202 सीआरपीसी के तहत दर्ज किया।