मऊ। आरटीई के तहत दाखिले के लिए बच्चों को आधार कार्ड होना जरूरी है। इसके बिना प्रवेश नहीं लिया जाएगा। विभाग की तरफ से चार बार दाखिला के लिए मौका दिया जाएगा। ई-लाॅटरी प्रणाली से पात्र बच्चों का चयन किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिले में 589 निजी स्कूल संचालित हैं। सरकार की तरफ से निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाता है।
सरकार इन विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रुप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दिलाई जाती है। योजना के तहत ई लाॅटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों का चयन किया जाएगा।
आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन होंगे। इसके लिए अभिभावकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का आधार कार्ड सहित सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे। अलग-अलग तिथियों में आवेदन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की जाएगी।
इस बार शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया में कई सुधार किए गए हैं, जो 2026-27 से प्रभावी होंगे। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग की तरफ से चार बार दाखिला के लिए मौका दिया जाएगा।