बढुआ गोदाम। ईसाई समुदाय ने रविवार को ईस्टर का पर्व मनाया। इस दौरान प्रभु यीशु के त्याग और बलिदान को याद किया और एक दूसरे को पर्व की बधाई दी। ताजोपुर स्थित अमरवाणी चर्च में फादर फादर क्रिस्तु राज ने बताया कि गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे। ऐसे में रविवार को ईस्टर पर्व मनाया गया। ईस्टर को मृतोत्थान दिवस या मृतोत्थान रविवार भी कहते हैं। क्रिसमस के बाद ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। दोनों ही पर्व ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह समुदाय के लोगों ने चर्च में मोमबत्तियां जलाने के बाद विशेष प्रार्थना की। फादर ने कहा कि बगैर प्रभु की प्रार्थना के जीवन सार्थक नहीं हो सकता है। यह प्रभु की ही महिमा थी कि वे फिर से जीवित हुए और उन्होंने मानव जाति को प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।