मऊ। नगर पालिका के दो वार्ड के बीचोबीच कोल्हाड़ मोहल्ला नगर का हिस्सा है लेकिन यहां हालात ग्रामीण इलाके से भी खराब हैं। कारण यहां बिजली सुविधा को लेकर आज भी 400 घरों की आबादी दो किमी दूर से बॉस बल्ली के सहारे तार लाकर बिजली जलाती है। बिजली निगम ने यहां सात साल पहले बिजली खंभा लगाया लेकिन तार बिछाना भूल गए हैं।
चौकाने वाली बात है कि इन घरों में बिजली निगम ने बकायदा मीटर भी लगाया है, हर माह समय से वसूली को लेकर कैंप भी किया जाता है, लेकिन बस यहां के उपभोक्ताओं की इस समस्या का निराकरण करना भूल जाते है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। नगर के ऑफिसर्स कॉलोनी से महज दो किमी दूर वार्ड 11 और 18 के बीच बना कोल्हाड़ गांव में बीते कई सालों से यहां रह रहे करीब 700 मीटर दूर बड़ागांव और ख्वाजाजहापुर मुहल्ले से केबल के सहारे अपने घरों को रोशन कर रहे हैं। चौकाने वाली बात है कि इस मुहल्ले में बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से यहां बिजली खंभे भी गाड़े गए हैं, लेकिन बस इस पर तार बिछाना जिम्मेदार भूल गए है।
इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासी बबुनी, बुच्ची, उमेश, प्रशांत ने बताया कि मुहल्ला का आधा हिस्सा वार्ड 11 तो वार्ड 18 के बीच आता है। बताया कि करीब सात साल पहले यहां सालों पहले बिजली खंभे लगा दिया गया, लेकिन अब इस पर तार नहीं दौड़ाया जा सका है। बताया कि ऐसे में इस मुहल्ले में बने करीब 400 घर के लोगों बिजली उपयोग के लिए बड़ा गांव या ख्वाजाजहापुर से बिजली के पोल से केबल से अपने घरों को उजाला कर रहे है।
बताया कि करीब 200 घरों पर मीटर भी लगे है, इसमें अधिकांश हर माह बिजली का भुगतान करते है, बावजूद उन्हें दूर से केबिल के माध्यम से बिजली कनेक्शन करना पड़ रहा है। एसडीओ जाहिद इकबाल ने बताया कि वह अभी नए है, इस मामले में अब तक उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। खंभा लगने के बाद तार सालों से नहीं खींचने की जांच कराएंगे।