पुलिस अधीक्षक कार्यालय में महिला एच्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य। स्रोत-स्वयं
मऊ। मेरा घर स्वर्ग जैसा है, लेकिन पत्नी की बदजुबानी अब नरक जैसा अहसास करा रही है। जब भी मैं पत्नी को समझाने का प्रयास करता हूं, तो यह विवाद और बढ़ जाता है। सास की दखलअंदाजी से भी कलह का वातावरण बना रहता है।
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में परिवार परामर्श की बैठक में यह गुहार युवक ने लगाई। बताया कि शादी के कुछ महीने बाद से ही पत्नी मोबाइल पर सोशल मीडिया में इतना खो गई कि उसे गृहस्थी का कोई ख्याल ही नहीं रहा। जब इसे लेकर मेरे माता पिता ने अहसास कराने की कोशिश की तो वह झगड़े पर उतारू हो गई। कहा कि विवाद का असली जड़ सास है जो कि दिन भर में कई बार फोनकर पत्नी को भड़काने का काम करती है। युवक ने कहा कि अब वह किसी भी सजा को भुगतने को तैयार है, लेकिन वह अब माता पिता का अपमान बिल्कुल नहीं सहेगा। सदस्यों ने उसकी पत्नी और उसकी सास को अगली तारीख पर निस्तारण के लिए बुलाया।
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पति की शराब की लत से सुखी परिवार बिखर रहा
एक महिला ने कहा कि पति शराब का आदी है, उसकी आदत से सुखी परिवार बिखरने के कगार पर पहुंच चुका है। उसके बार बार समझाने के बाद भी वह आदत से बाज नहीं आ रहा। इससे उसकी दो बच्चियों के भविष्य भी अंधकार में डूब चुका है। वहीं मझवारा में एक युवक ने पत्नी को लेकर कहा कि उसके घर के सदस्य आते हैं, पत्नी बीमारी का बहाना बना लेती है। जिससे काम न करना पड़ा। लेकिन वहीं उसके मायके पक्ष से जब कोई आता है तो वह बेहद खुशी खुशी हर काम करती है। इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक मेंं 107 मामले आए, 33 का निस्तारण हुआ। जबकि दो दंपतियों ने गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को दुबारा तैयार हुए। पांच मामलों में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। वहीं 74 मामलों में सदस्यों ने अगली तारिख तय की। बैठक में परामर्श अधिकारी अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस ने मामलों का निस्तारण किया।